Ujjain Simhastha 2028 : लाखों श्रद्धालुओं के लिए नई व्यवस्था, सिंहस्थ से पहले बदलेगा उज्जैन का रेल नेटवर्क

punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 10:11 AM (IST)

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Ujjain Simhastha 2028 : मध्य प्रदेश के उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले को लेकर तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उज्जैन और आसपास के सात रेलवे स्टेशनों पर विकास कार्य शुरू कर दिए गए हैं। इनमें से कई स्टेशनों को पूरी तरह नए रूप में तैयार किया जा रहा है। सिंहस्थ के दौरान प्रतिदिन लाखों भक्तों के पहुंचने की संभावना को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और हर महीने मेला अधिकारी आशीष सिंह को प्रगति रिपोर्ट सौंप रहा है।

रेलवे की योजना के तहत देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को सात अलग-अलग स्टेशनों पर उतारा जाएगा, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। कई प्रमुख ट्रेनों को मुख्य उज्जैन स्टेशन पर रोकने के बजाय आसपास के स्टेशनों पर ठहराया जाएगा। इन स्टेशनों से सीधे मेला क्षेत्र तक पहुंचने के लिए विशेष मार्ग बनाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को मुख्य स्टेशन तक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

जिन सात स्टेशनों को विशेष रूप से विकसित किया जा रहा है, उनमें उज्जैन, चिंतामण गणेश, पिंगलेश्वर, नई खेड़ी, शिप्रा ब्रिज, पवासा और लिकोड़ा शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

पिंगलेश्वर स्टेशन पर कई प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की व्यवस्था की जाएगी, जहां दो नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। यहां यात्रियों की भारी संख्या को संभालने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। इसके अलावा नागदा स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज बनेगा, जबकि उज्जैन स्टेशन पर 6 और 12 मीटर के फुटओवर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इन सभी परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

यात्रियों की सुविधा के लिए पीने के साफ पानी, ठहरने की व्यवस्था, दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं, होल्डिंग एरिया, दिशा-निर्देश बोर्ड, कनेक्टिविटी चार्ट और हेल्प डेस्क जैसी सेवाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इन कार्यों को पेशेवर तरीके से पूरा करने के लिए विभिन्न एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, हर महीने प्रगति की समीक्षा की जा रही है। पिछली बार उज्जैन में हुए सिंहस्थ और प्रयागराज के महाकुंभ से मिली सीख के आधार पर इस बार बेहतर तैयारी की जा रही है। पहले की कमियों का भी विश्लेषण किया गया है, ताकि इस बार व्यवस्थाएं और मजबूत हो सकें। उद्देश्य यही है कि यात्रियों को अलग-अलग स्टेशनों पर सुचारू रूप से उतारकर सुरक्षित तरीके से मेला क्षेत्र तक पहुंचाया जाए।

इसके साथ ही उज्जैन के अलावा इंदौर, लक्ष्मीबाई नगर, मांगलिया, देवास, नागदा, विक्रम नगर और रतलाम स्टेशनों पर भी बड़े स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इन स्टेशनों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे, इसलिए यहां भी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।


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Content Editor

Prachi Sharma

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