19 मार्च को महाकाल के शिखर पर लहराएगा ब्रह्म ध्वज, 2000 साल पुरानी विक्रमादित्य की परंपरा होगी जीवंत

punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 09:01 AM (IST)

Ujjain Mahakal mandir news : उज्जैन की अवंतिका नगरी में 19 मार्च 2026 को एक बार फिर इतिहास जीवंत होने जा रहा है। हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के मंदिर शिखर पर भव्य ब्रह्म ध्वज फहराया जाएगा। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि उज्जैन की उस प्राचीन विरासत का सम्मान है, जो 2,000 साल पहले सम्राट विक्रमादित्य के काल में शुरू हुई थी।

मान्यता है कि न्यायप्रिय राजा विक्रमादित्य ने अपनी विजय और सांस्कृतिक श्रेष्ठता के प्रतीक के रूप में ब्रह्म ध्वज फहराने की परंपरा शुरू की थी। उस समय उन्होंने इस गौरवशाली पल को अमर बनाने के लिए विशेष सिक्के भी जारी किए थे, जो आज भी पुरातात्विक महत्व रखते हैं। यह केसरिया रंग का ध्वज साहस और विजय का प्रतीक है। इसकी बनावट में दो पताकाएं होती हैं और मध्य में सूर्य का अंकन है, जो पूरे विश्व पर सत्य और तेज की जीत को दर्शाता है।

इतिहासकारों और पुराविदों के अनुसार, प्राचीन काल में उज्जैन को पृथ्वी का मध्य बिंदु माना जाता था। ब्रह्म ध्वज का आरोहण इसी खगोलीय और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करता है। उज्जैन में पिछले 139 दिनों से चल रहे भव्य विक्रमोत्सव का समापन भी इसी दिन 19 मार्च को उज्जैनी गौरव दिवस के रूप में होगा।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Sarita Thapa

Related News