Char Dham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज, 31 मार्च तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश

punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 07:28 AM (IST)

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Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि आने वाली चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने विधानसभा में विपक्ष द्वारा उठाए गए प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि यात्रा से जुड़ी सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों के लिए पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है और इसे केवल सुरक्षा व बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से लागू किया गया है।

उन्होंने बताया कि तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने यात्रा मार्गों पर भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं और पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। इन सभी कार्यों को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस दौरान विपक्ष के विधायक लखपत बुटोला ने आरोप लगाया कि सरकार यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर पर्याप्त गंभीर नहीं है। उन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण समाप्त करने, धामों में दर्शन के लिए लगाई गई सीमा हटाने और वाहनों के ग्रीन कार्ड की अवधि छह महीने करने की मांग की। वहीं विधायक विक्रम सिंह ने सुझाव दिया कि यात्रा संचालन में अनुभवी अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।

जौनसार-बावर क्षेत्र के लोगों को मिलेगा बैकलॉग का अधिकार
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि जनजातीय क्षेत्र जौनसार-बावर के निवासियों को पन्नालाल सेटलमेंट (1920) के तहत आरक्षित वन क्षेत्रों से लकड़ी प्राप्त करने का अधिकार है। वर्ष 2024-25 में चकराता क्षेत्र में अवैध कटान की घटनाओं के कारण यह सुविधा नहीं दी जा सकी थी। हालांकि चालू वित्तीय वर्ष में क्षेत्रवासियों को 766 घन मीटर से अधिक लकड़ी उपलब्ध कराई गई है और अगले वित्तीय वर्ष के लिए 303 घन मीटर लकड़ी का चिन्हांकन किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि लकड़ी की उपलब्धता के अनुसार बैकलॉग भी पूरा किया जाएगा। यह मुद्दा विधायक प्रीतम सिंह ने सदन में उठाया था।

उत्तराखंड में गन्ने का मूल्य यूपी से अधिक
गन्ना विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में गन्ने की अगेती और सामान्य किस्मों का मूल्य उत्तर प्रदेश की तुलना में प्रति क्विंटल पाँच रुपये अधिक तय किया गया है। पिछले पेराई सत्र में रेड रॉट बीमारी और असमय बारिश से उत्पादन में लगभग एक लाख क्विंटल की कमी आई थी। इसके समाधान के लिए किसानों को उन्नत किस्मों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि चीनी मिलों के आधुनिकीकरण के साथ किसानों को चार महीने के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। लिब्बरहेड़ी और लक्सर चीनी मिलें 80 प्रतिशत से अधिक भुगतान कर चुकी हैं, जबकि इकबालपुर चीनी मिल पर किसानों के बकाया 121 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए सरकार प्रयासरत है।

डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर होंगे दो महाविद्यालय
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप महान व्यक्तित्वों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर शिक्षण संस्थानों का नामकरण किया जाता है। उन्होंने बताया कि किच्छा स्थित राजकीय महाविद्यालय का नाम संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर रखने के प्रस्ताव पर ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। सरकार ने राज्य में डॉ. आंबेडकर के नाम पर दो महाविद्यालयों का नामकरण करने का निर्णय लिया है।

यमुनोत्री क्षेत्र में आपदा मद से कई विकास कार्य
संसदीय कार्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र में आपदा मद से 127 कार्य चल रहे हैं, जिनमें से 27 पूरे हो चुके हैं। शेष कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सयानाचट्टी क्षेत्र को आकस्मिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा चुकी है।


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Content Editor

Prachi Sharma

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