Simhastha 2028 : सिंहस्थ 2028 से पहले बड़ा फैसला ! ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का गेट होगा चौड़ा, भक्तों को मिलेंगे सुगम दर्शन
punjabkesari.in Friday, Mar 06, 2026 - 02:53 PM (IST)
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Simhastha 2028 : मध्य प्रदेश के धार्मिक नगर ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए तैयारियां अब तेज हो गई हैं। आने वाले समय में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर में दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अहम फैसले लेना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में ज्योतिर्लिंग मंदिर के गर्भगृह स्थित सुखदेव मुनि गेट के विस्तार की योजना पर सहमति बनी है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देशन में एसडीएम पंकज वर्मा ने पुलिस कंट्रोल रूम में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में संत समाज, जनप्रतिनिधि, मंदिर ट्रस्ट और शहर के कई प्रमुख नागरिक शामिल हुए। चर्चा का मुख्य विषय मंदिर में प्रवेश के प्रमुख मार्ग सुखदेव मुनि गेट को चौड़ा करने का प्रस्ताव था।अभी इस गेट से हर मिनट लगभग 60 श्रद्धालु ही दर्शन कर पाते हैं। सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, इसलिए भविष्य की भीड़ को ध्यान में रखते हुए गेट के विस्तार को जरूरी माना गया। बैठक में मौजूद सभी पक्षों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया और इसे समय की आवश्यकता बताया।
श्रद्धालुओं को मिलेगा सुगम दर्शन
संत समाज का कहना है कि गेट चौड़ा होने से मंदिर में दर्शन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और भीड़ नियंत्रण भी आसान हो जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाना है। इसके तहत मंदिर परिसर के विकास, यातायात व्यवस्था, आवास सुविधाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को भी चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जा रहा है। सुखदेव मुनि गेट का विस्तार इस दिशा में उठाया गया पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। एस.डी.एम पंकज वर्मा ने बताया कि प्रस्तावित बदलावों की जानकारी सभी हितधारकों को दी गई और सभी ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इससे आने वाले समय में श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा।
सिंहस्थ में बढ़ सकती है श्रद्धालुओं की संख्या
सिंहस्थ का आयोजन हर 12 वर्ष में उज्जैन में होता है, लेकिन ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग भी इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र बन जाता है। यहां लाखों लोग नर्मदा स्नान और भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी वजह से प्रशासन पहले से तैयारी में जुटा है ताकि 2028 में आने वाली बड़ी भीड़ को आसानी से संभाला जा सके। गेट के विस्तार से प्रति मिनट दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर लगभग 200 से 300 तक पहुंच सकती है। संतों ने यह भी सुझाव दिया कि निर्माण कार्य मंदिर की पारंपरिक वास्तुकला और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखकर ही किया जाए। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि यह कार्य पुरातत्व विभाग और मंदिर ट्रस्ट की सहमति से ही कराया जाएगा।
भूतड़ी अमावस्या के बाद शुरू होगा काम
प्रशासन ने सुखदेव मुनि गेट के विस्तार का काम लगभग 50 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। निर्माण कार्य भूतड़ी अमावस्या के बाद शुरू किया जाएगा ताकि उस समय श्रद्धालुओं की संख्या कम रहे और काम तेजी से पूरा हो सके। इस दौरान दर्शन व्यवस्था बाधित नहीं होगी। श्रद्धालुओं को चांदी के द्वार से प्रवेश देकर नियमित दर्शन कराए जाएंगे, जिससे किसी को असुविधा न हो।
सिंहस्थ के लिए हो रही व्यापक तैयारी
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए प्रशासन शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी काम कर रहा है। इसके तहत सड़क चौड़ीकरण, पार्किंग व्यवस्था, होल्डिंग एरिया का निर्माण और नर्मदा घाटों के विकास जैसे कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इसके अलावा यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम अनुभव मिल सके।
कुल मिलाकर, ओंकारेश्वर में शुरू हुई ये तैयारियां आने वाले सिंहस्थ को और अधिक व्यवस्थित और भव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
