Shri Mahakal Mahotsav Ujjain : 2100 साल बाद परंपरा की वापसी, उज्जैन में शुरू हुआ श्री महाकाल महोत्सव
punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 09:47 AM (IST)
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Shri Mahakal Mahotsav Ujjain : उज्जैन में बुधवार से श्रीमहाकाल महोत्सव की भव्य शुरुआत होने जा रही है। 14 से 18 जनवरी तक चलने वाला यह आयोजन इसलिए खास है क्योंकि इसके जरिए शहर की करीब 2100 साल पुरानी परंपरा को एक बार फिर जीवंत किया जा रहा है। महोत्सव में प्रसिद्ध गायक शंकर महादेवन अपनी प्रस्तुति देंगे, वहीं सिद्धार्थ और शिवम भी अपने सुरों से समां बांधेंगे। इस आयोजन को देखने और इसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
इतिहास से जुड़ी गौरवशाली परंपरा
श्रीमहाकाल महोत्सव की जड़ें उज्जैन के प्राचीन इतिहास से जुड़ी हुई हैं। साहित्यिक प्रमाणों के अनुसार, यह परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल से चली आ रही है। उस समय महाकाल वन में शिव महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाता था। इसी ऐतिहासिक परंपरा को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही घोषणा कर चुके थे कि मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर इस गौरवशाली आयोजन का पुनरुद्धार किया जाएगा, और अब यह परंपरा दोबारा साकार होने जा रही है।
चार दिनों तक संस्कृति का उत्सव
श्रीमहाकाल महोत्सव चार दिनों तक चलेगा, जिसमें हर दिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान लोक और वैश्विक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। नाट्य, संगीत और कला की विविध प्रस्तुतियां प्रतिदिन मंच पर सजीव होंगी। आयोजन स्थल के रूप में श्रीमहाकाल महालोक परिसर को चुना गया है, जहां सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। शास्त्रीय संगीत, लोक नृत्य और जनजातीय कलाओं का मंचन भी इस महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय रंग भी होगा शामिल
इस बार महोत्सव को वैश्विक पहचान देने की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया है। श्रीमहाकाल महोत्सव में श्रीलंका और इंडोनेशिया से अंतरराष्ट्रीय नाट्य दल भी हिस्सा लेंगे और अलग-अलग दिनों में अपनी प्रस्तुतियां देंगे। सरकार की ओर से आयोजन को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है, जिससे यह महोत्सव न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक स्तर पर भी एक खास पहचान बना सके।
