Mahakal Holi 2026 : चंद्र ग्रहण के साये में होली ! महाकाल मंदिर में बदलेगी पूजा पद्धति

punjabkesari.in Thursday, Feb 26, 2026 - 12:45 PM (IST)

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Mahakal Holi 2026 : श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस वर्ष होली का पर्व विशेष धार्मिक परंपराओं और चंद्र ग्रहण के प्रभाव के साथ मनाया जाएगा। देश में सबसे पहले होली का उत्सव महाकाल मंदिर के आंगन में शुरू होगा। 2 मार्च की शाम संध्या आरती के दौरान भगवान महाकाल को गुलाल अर्पित किया जाएगा। आरती के पश्चात मंदिर परिसर में विधि-विधान से होलिका दहन होगा। पुजारी पंडित घनश्याम शर्मा एवं अन्य पुजारियों द्वारा पूजन कर परिक्रमा के बाद होलिका दहन संपन्न किया जाएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे और होलिका दहन के बाद रंगोत्सव की शुरुआत करेंगे।

इस बार 3 मार्च 2026, मंगलवार को फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण होने से मंदिर की पूजा पद्धति में बदलाव रहेगा। शाम 6:32 से 6:46 बजे तक 14 मिनट का ग्रहण रहेगा, जबकि वेध काल सूर्योदय से प्रारंभ हो जाएगा। परंपरा अनुसार ग्रहण काल में भगवान को नियमित भोग नहीं लगाया जाएगा। सुबह दद्योदक और भोग आरती में केवल शक्कर का भोग अर्पित किया जाएगा।

गौरतलब है कि ग्रहण के दौरान मंदिर के पट बंद नहीं होंगे और श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर का शुद्धिकरण, भगवान का स्नान-पूजन किया जाएगा और फिर विधिवत भोग अर्पित कर संध्या आरती संपन्न होगी।

विशाल ठाकुर 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Prachi Sharma

Related News