समुद्र की ताकत में भारत की दहाड़, जानिए आमने-सामने होने पर कितनी देर टिक पाएगा पाकिस्तान?
punjabkesari.in Thursday, Aug 28, 2025 - 11:25 AM (IST)

इंटरनेशनल डेस्क: भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में सैन्य तनाव के बाद अब समुद्री युद्ध की स्थिति भी चर्चा का विषय बन गई है। दोनों देशों की नौसेना की ताकत और रणनीतिक स्थिति जानना बेहद जरूरी है ताकि समझा जा सके, अगर समुद्र पर टकराव हुआ तो कौन कितनी देर टिक पाएगा।
भारतीय नौसेना: ब्लू-वॉटर नेवी की ताकत
भारत की नौसेना को दुनिया की सातवीं सबसे ताकतवर नौसेना माना जाता है। इसे ‘ब्लू-वॉटर नेवी’ कहा जाता है क्योंकि यह समुद्र के गहरे हिस्सों में भी लंबी दूरी तक संचालन कर सकती है। भारतीय नौसेना के पास कुल 294 युद्धपोत हैं जिनमें दो विमानवाहक पोत (INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत), 13 विध्वंसक, 14 फ्रिगेट, 18 कॉर्वेट, और 18 पनडुब्बियां शामिल हैं। इनमें तीन परमाणु-संचालित पनडुब्बियां भी हैं जो लंबी दूरी की युद्ध क्षमता देती हैं। इसके अलावा 135 गश्ती नौकाएं तटीय सुरक्षा को मजबूत करती हैं। भारत अपनी नौसैनिक ताकत को और बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है। वर्तमान में 62 जहाज और एक पनडुब्बी निर्माणाधीन हैं और 2035 तक नौसेना के बेड़े को 175 जहाजों तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
पाकिस्तानी नौसेना: ग्रीन-वॉटर नेवी की सीमाएं
पाकिस्तान की नौसेना को ‘ग्रीन-वॉटर नेवी’ कहा जाता है, जिसका मतलब है कि यह मुख्य रूप से तटीय इलाकों तक सीमित है और गहरे समुद्र में लंबी दूरी तक प्रभावी संचालन करने में सक्षम नहीं है। पाकिस्तान की नौसेना के पास कुल 121 युद्धपोत हैं, जिनमें कोई विमानवाहक पोत या विध्वंसक नहीं है। यहाँ 9 फ्रिगेट, 9 कॉर्वेट, 8 डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां और 69 गश्ती नौकाएं हैं। पाकिस्तान अपनी नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए चीन और तुर्की जैसे देशों पर निर्भर है, लेकिन अभी उसकी समुद्री ताकत भारत से काफी पीछे है।
युद्ध की स्थिति में तुलना: भारत की बढ़त
अगर समुद्र पर युद्ध होता है तो भारत के पास कई बड़े फायदे हैं। सबसे पहले, भारत के पास विमानवाहक पोत और परमाणु पनडुब्बियां हैं, जो उसे समुद्र के गहरे हिस्सों में भी लंबी दूरी तक ऑपरेशन करने और दुश्मन पर प्रहार करने की ताकत देती हैं। इसके साथ ही, भारत के पास ब्रह्मोस मिसाइल जैसी उन्नत और अत्याधुनिक लंबी दूरी की मिसाइलें हैं, जो समुद्र के ऊपर से दुश्मन के जहाजों और ठिकानों को निशाना बना सकती हैं। इसके अलावा, भारत का P-8I समुद्री निगरानी विमान दुश्मन की हरकतों पर पैनी नजर रखता है, जिससे युद्ध की स्थिति में भारत को महत्वपूर्ण और गुप्त जानकारी मिलती है। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत का रक्षा बजट लगभग 79 अरब डॉलर है, जो पाकिस्तान के 10.3 अरब डॉलर से कई गुना अधिक है, और इसी बजट की वजह से भारत अपनी नौसेना को नवीनतम तकनीक और जहाजों से लैस कर रहा है। इन सभी कारणों से भारत समुद्री युद्ध में पाकिस्तान के मुकाबले एक मजबूत और सक्षम स्थिति में है।
इतिहास में भारतीय नौसेना की जीत
साल 1971 के युद्ध में ऑपरेशन ट्राइडेंट के दौरान भारतीय नौसेना ने कराची बंदरगाह पर हमला कर पाकिस्तानी नौसेना को भारी नुकसान पहुंचाया था। यह साबित करता है कि भारत की नौसेना न केवल आधुनिक है बल्कि रणनीतिक रूप से भी सक्षम है।
भारत की समुद्री ताकत और भविष्य की योजना
भारत ने अपनी नौसेना को और मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। इसका उद्देश्य 2035 तक दुनिया की सबसे बड़ी और ताकतवर नौसेना बनना है। इसके तहत नए जहाजों, पनडुब्बियों और विमान वाहक पोतों का निर्माण जारी है। इसके अलावा भारत अपनी समुद्री नाकाबंदी और लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक को और उन्नत कर रहा है, जिससे पाकिस्तान को समुद्री क्षेत्र में दबाव में रखा जा सके।