IMD rain alert: पश्चिमी विक्षोभ अभी भी सक्रिय: इस राज्य के 10 जिलों में फिर होगी जोरदार बारिश, घने कोहरे की चेतावनी जारी
punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 03:21 PM (IST)
नेशनल डेस्क: पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी राज्यों तक साफ नजर आने लगा है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण शुक्रवार को हरियाणा के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला। रात से शुरू हुई बारिश और तेज हवाओं ने तापमान का संतुलन बिगाड़ दिया। कई जिलों में सुबह 10 बजे तक आसमान में घने बादल छाए रहे, जिससे दिन में भी अंधेरे जैसा माहौल बन गया।
तापमान में बड़ा उलटफेर
मौसम बदलते ही रात के तापमान में 5 से 6 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि दिन का तापमान 8 से 12 डिग्री तक गिर गया। सिरसा, भिवानी और फरीदाबाद के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी, हालांकि अधिकांश जिलों में हुई बारिश रबी फसलों के लिए लाभकारी साबित हुई है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार 25 जनवरी तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। वहीं 27 और 28 जनवरी को एक और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के असर की संभावना जताई गई है। कैथल (गुहला), कुरुक्षेत्र (पिहोवा व शाहबाद) और अंबाला में तेज आंधी और ओलावृष्टि को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। नमी बढ़ने के कारण कई इलाकों में घना कोहरा छाने की चेतावनी भी दी गई है, जहां यलो अलर्ट लागू है।
जिलावार हालात की तस्वीर
सिरसा
नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के 13 गांवों में भारी ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और चने की फसल को भारी नुकसान हुआ। वहीं जिले के अन्य हिस्सों में करीब 8 एमएम बारिश से फसलों को फायदा भी मिला है। 27 जनवरी तक बारिश जारी रहने के संकेत हैं।
यमुनानगर
20 MM बारिश और तेज तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। रादौर में लोहे का शेड बिजली लाइन पर गिर गया, जबकि अमादलपुर में एक प्लाईवुड फैक्ट्री की 110 फीट ऊंची चिमनी धराशायी हो गई। आधे शहर की बिजली गुल रही और करीब 200 बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए।
अंबाला
यहां 42.2 एमएम बारिश दर्ज की गई, जो इस मौसम की सबसे अधिक मानी जा रही है। तूफान के कारण 55 बिजली पोल और 17 ट्रांसफार्मर गिर गए। दिन के तापमान में 12 डिग्री की गिरावट आई, जिससे कई इलाकों में ब्लैकआउट जैसे हालात बन गए।
चरखी दादरी
लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। सिंचाई की जरूरत न पड़ने से करीब ढाई करोड़ रुपये का लाभ होने का अनुमान है। हालांकि 7 फीडरों की बिजली सप्लाई बाधित होने से लगभग तीन लाख लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
जींद
औसतन 13.7 MM वर्षा हुई। बारिश के चलते गणतंत्र दिवस समारोह की रिहर्सल का स्थान बदलना पड़ा। जलालपुर में हल्की ओलावृष्टि हुई, लेकिन फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा। नरवाना में सर्वाधिक 20 एमएम बारिश दर्ज की गई।
फतेहाबाद
लगातार 10 घंटे तक हुई 16 एमएम बारिश ने रबी फसलों को नई ऊर्जा दी। टोहाना और जाखल में 25-25 एमएम वर्षा के कारण बाजारों और सड़कों पर जलभराव हो गया। ठंडी हवाओं ने ठिठुरन और बढ़ा दी।
कैथल
35 एमएम बारिश के चलते बाजार सूने रहे और लोग घरों में ही रहे। किसानों के मुताबिक यह बारिश गेहूं की फसल के लिए बेहद फायदेमंद है। 25 जनवरी तक तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की चेतावनी दी गई है।
करनाल
20.4 एमएम वर्षा और 8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली सर्द हवाओं ने ठंड बढ़ा दी। शाम को नमी का स्तर 98 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे घने कोहरे के आसार बन गए हैं।
पानीपत
18.2 एमएम बारिश के बाद प्रदूषण स्तर में सुधार हुआ और एक्यूआई घटकर 204 दर्ज किया गया। हालांकि निचले इलाकों में जलभराव की समस्या देखने को मिली और दिनभर सर्दी बनी रही।
रोहतक
5 एमएम बारिश से तापमान में गिरावट आई और ठंड तेज हो गई। कृषि विशेषज्ञों ने इसे फसलों के लिए लाभकारी बताया, लेकिन शहर के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया।
