WhatsApp का नया फीचर लॉन्च! अब 13 साल से कम उम्र के बच्चे भी चला सकेंगे ऐप, Parents के पास होगा पूरा कंट्रोल
punjabkesari.in Friday, Mar 13, 2026 - 10:29 AM (IST)
नेशनल डेस्क: सोशल मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp का इस्तेमाल अब 13 साल से कम उम्र के बच्चे भी कर सकेंगे। इसकी पैरेंट कंपनी Meta Platforms ने इसके लिए एक नया पेरेंट-मैनेज्ड अकाउंट मॉडल पेश किया है। इस फीचर के जरिए बच्चे व्हाट्सऐप का इस्तेमाल कर पाएंगे, लेकिन उनके अकाउंट पर माता-पिता की निगरानी और कंट्रोल रहेगा। कंपनी का कहना है कि इस नए मॉडल को तैयार करने से पहले विशेषज्ञों और माता-पिता से सुझाव लिए गए हैं, ताकि बच्चों को सुरक्षित तरीके से मैसेजिंग और कॉलिंग की सुविधा मिल सके।
क्या है पेरेंट-मैनेज्ड व्हाट्सऐप अकाउंट
पेरेंट-मैनेज्ड अकाउंट खास तौर पर कम उम्र के बच्चों के लिए तैयार किया गया है। इस अकाउंट के जरिए बच्चे व्हाट्सऐप पर सीमित सुविधाओं के साथ मैसेज भेज सकेंगे और फोन कॉल कर पाएंगे। इस तरह के अकाउंट में कई फीचर्स को या तो बंद रखा जाएगा या सीमित कर दिया जाएगा। इसका मकसद बच्चों को इंटरनेट के जोखिमों से बचाना और उनके ऑनलाइन व्यवहार पर निगरानी बनाए रखना है।
कंपनी ने यह बदलाव क्यों किया
कंपनी के अनुसार कई मामलों में यह देखा गया कि बच्चे अपने माता-पिता के फोन से चुपके-चुपके व्हाट्सऐप का इस्तेमाल कर रहे थे। कई बार इसका गलत उपयोग भी सामने आया। माता-पिता की ओर से लगातार शिकायतें मिलने के बाद कंपनी ने ऐसा सिस्टम तैयार करने का फैसला किया, जिसमें बच्चे भी मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल कर सकें और साथ ही माता-पिता उन पर नजर भी रख सकें।
माता-पिता को मिलेंगे ये कंट्रोल फीचर्स
नए फीचर में माता-पिता को बच्चों के अकाउंट पर कई तरह के कंट्रोल मिलेंगे। वे यह देख सकेंगे कि बच्चा किससे बातचीत कर रहा है और उसकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में कौन-कौन लोग शामिल हैं। अगर कोई अनजान नंबर दिखाई देता है तो माता-पिता उसे हटा भी सकेंगे। इसके अलावा प्राइवेसी सेटिंग्स को भी वे बदल सकेंगे। इस सेटिंग को एक खास पिन से लॉक किया जा सकेगा, जिससे बिना अनुमति के बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
कंपनी का कहना है कि बच्चों के मैसेज भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन तकनीक से सुरक्षित रहेंगे। इसका मतलब यह है कि मैसेज सिर्फ भेजने वाले और पाने वाले के बीच ही पढ़े जा सकेंगे।
क्या अलग सिम या फोन की जरूरत होगी
फिलहाल कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि पेरेंट-मैनेज्ड अकाउंट के लिए अलग सिम कार्ड जरूरी होगा या नहीं। हालांकि इतना जरूर बताया गया है कि बच्चे का व्हाट्सऐप अकाउंट माता-पिता के मुख्य अकाउंट से लिंक रहेगा। कंपनी इस फीचर को चरणबद्ध तरीके से लॉन्च करेगी। आने वाले दिनों या हफ्तों में यह नया फीचर दुनिया भर के व्हाट्सऐप यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। इस बदलाव के बाद उम्मीद की जा रही है कि बच्चे डिजिटल दुनिया में सुरक्षित तरीके से संवाद कर सकेंगे और माता-पिता भी उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख पाएंगे।
