Apple -Samsung की हुई जीत! केंद्र सरकार ने आधार ऐप प्री-इंस्टॉल करने का फैसला लिया वापस
punjabkesari.in Saturday, Apr 18, 2026 - 10:09 AM (IST)
नेशनल डेस्क: भारत में स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूज़र्स और मोबाइल निर्माता कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर आई है। केंद्र सरकार और UIDAI ने स्मार्टफोन्स में Aadhaar App को जरुरी तौर पर प्री-इंस्टॉल करने के प्लान को फिलहाल रोक दिया है। डिटेल में जानते हैं कि क्या है ये पूरा मामला
क्या था पूरा मामला?
पिछले काफी समय से ऐसी चर्चा चल रही थी कि देश में बिकने वाले स्मार्टफोन्स में सरकार पहले से ही Aadhaar App को जरुरी तौर पर प्री-इंस्टॉल करवाना चाहती है। इसे लोड करवाने के पीछे का मकसद डिजिटल सेवाओं को सुगम बनाना था। सरकार के अनुसार अगर इसे पहले से इन्सटॉल किया जाता है तो यूज़र्स को निम्नलिखित कार्यों में आसानी होगी-
- सिम कार्ड लेने या बैंक खाता खुलवाने के लिए।
- डिजिटल गेट्स और सुरक्षा जांच के दौरान।
- विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए।

कंपनियों ने जताया था विरोध?
IT मंत्रालय द्वारा दिए गए इस प्रस्ताव पर स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों ने कड़ा विरोध किया। कंपनियों ने कहा कि इस विरोध के पीछे तीन मुख्य कारण हो सकते हैं।
- सुरक्षा और प्राइवेसी : एप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियों का मानना है कि पहले से लोडेड ऐप्स डिवाइस की सुरक्षा सेटिंग्स और यूज़र की प्राइवेसी के साथ समझौता कर सकते हैं।
- तकनीकी जटिलता: सॉफ्टवेयर कम्पैटिबिलिटी के चलते हर फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ सरकारी ऐप का तालमेल बिठाना मुश्किल हो सकता था।
- लागत में बढ़ोतरी: स्मार्टफोन निर्माताओं के अनुसार, केवल भारत के लिए अलग से मैन्युफैक्चरिंग लाइन और सॉफ्टवेयर वर्जन तैयार करने से फोन की उत्पादन लागत बढ़ेगी, जिसका असर ग्राहकों की जेब पर होगा।
सरकार का यू-टर्न: उद्योग के हितों को दी प्राथमिकता
हाल ही में सामने आई रिपोर्टस के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने अब इस प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। मंत्रालय के सीनियर अधिकारियों का ऐसा कहना है कि हर सरकारी ऐप को फोन में पहले से डालना जरुरी नहीं होना चाहिए। सरकार केवल उन्हीं ऐप्स की प्री-लोडिंग के पक्ष में है जो तकनीकी और सुरक्षा की दृष्टि से बेहद अनिवार्य हों।
