South West Direction Vastu: घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा को रखें मजबूत, ये हैं वास्तु के अहम नियम और वैज्ञानिक तर्क

punjabkesari.in Wednesday, Feb 25, 2026 - 10:34 AM (IST)

South West Direction Vastu: वास्तु शास्त्र में प्रत्येक दिशा का विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक है दक्षिण-पश्चिम दिशा, जिसे घर में स्थिरता, मजबूती और संतुलन की दिशा माना जाता है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, यदि घर बनवाते समय इस दिशा से जुड़े नियमों का सही पालन किया जाए तो सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर बना रहता है और पारिवारिक जीवन में स्थिरता आती है।

PunjabKesari South West Direction Vastu

दक्षिण-पश्चिम दिशा क्यों है खास?
वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम दिशा को स्थिर ऊर्जा की दिशा कहा गया है। इस दिशा में भारी सामान रखना शुभ माना जाता है। अलमारी, तिजोरी, भारी फर्नीचर या मजबूत कैबिनेट यहां रखने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इस दिशा में वजन होने से घर की ऊर्जा संतुलित रहती है और स्थायित्व बढ़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि घर की संरचना में संतुलन बनाए रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम भाग को मजबूत रखना आवश्यक है।

PunjabKesari South West Direction Vastu

घर बनवाते समय रखें ये सावधानियां
यदि आप नया घर बनवा रहे हैं या रेनोवेशन करवा रहे हैं, तो दक्षिण-पश्चिम दिशा को लेकर इन बातों का ध्यान रखें:
घर का दक्षिण-पश्चिम हिस्सा अन्य दिशाओं की तुलना में थोड़ा ऊंचा होना चाहिए। इस दिशा की दीवारें मोटी और मजबूत बनाई जानी चाहिए। सीढ़ियां इसी दिशा में बनवाना शुभ माना जाता है। यहां स्टोर रूम बनाया जा सकता है, जहां भारी वस्तुएं रखी जाएं। इन नियमों का पालन करने से वास्तु के अनुसार घर में स्थिरता और सुरक्षा की भावना बनी रहती है।

PunjabKesari South West Direction Vastu

क्या है इसके पीछे वैज्ञानिक तर्क?
वास्तु मान्यताओं के साथ-साथ कुछ विशेषज्ञ इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी बताते हैं। पृथ्वी की गति और सूर्य के साथ उसकी स्थिति के कारण दक्षिण दिशा से संबंधित ऊर्जा संतुलन का सिद्धांत प्रस्तुत किया जाता है। दक्षिण-पश्चिम दिशा में भारी निर्माण से संरचनात्मक स्थिरता बढ़ती है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, इस दिशा में गर्मियों में अपेक्षाकृत ठंडक और सर्दियों में हल्की गर्माहट बनी रहती है, जिससे तापीय संतुलन बेहतर हो सकता है। हालांकि इन वैज्ञानिक तर्कों को लेकर विभिन्न मत हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पश्चिम को मजबूत रखने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।

दक्षिण-पश्चिम दिशा को वास्तु शास्त्र में स्थिरता और सुरक्षा का प्रतीक माना गया है। घर की संरचना और भारी वस्तुओं की सही दिशा में व्यवस्था से सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि किसी भी निर्माण कार्य से पहले वास्तु विशेषज्ञ और आर्किटेक्ट की सलाह लेना बेहतर होता है, ताकि संरचनात्मक और व्यावहारिक दोनों पहलुओं का संतुलन बना रहे।

PunjabKesari South West Direction Vastu

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

 

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Niyati Bhandari

Related News