देवशयनी एकादशी पर शाम के समय इस दिशा में जलाएं तुलसी का दीपक, जाग उठेगी सोई हुई किस्मत
punjabkesari.in Saturday, Jul 25, 2026 - 02:22 PM (IST)
Devshayani Ekadashi Tulsi Diya Direction : हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी को बहुत खास और पवित्र माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु की कृपा पाने और उन्हें प्रसन्न करने के लिए बहुत शुभ माना गया है। भगवान विष्णु के विश्राम काल में जाने से पहले माता लक्ष्मी और तुलसी माता की पूजा करने से इस व्रत का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। माना जाता है कि देवशयनी एकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के समक्ष घी का दीपक जलाने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। तो आइए जानते हैं शाम के समय दीपक जलाने की सही दिशा, नियम के बारे में-

तुलसी के पास दीपक जलाने की सही दिशा
वास्तु शास्त्र और सनातन परंपरा के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी के समक्ष दीपक जलाते समय सही दिशा का ध्यान रखा बहुत जरूरी है क्योंकि गलत दिशा में जलाया गया दीपक शुभ फल नहीं देता है। देवशयनी एकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के पास जब दीपक जलाएं, तो उसका मुख हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। उत्तर दिशा को माता लक्ष्मी और कुंबेर देव की दिशा मानी जाती है। इस दिशा में दीपक की लौ रखने से घर में पैसों की तंगी हमेशा के लिए खत्म हो जाती है।

तुलसी के समक्ष दीपक जलाने की विशेष विधि
तुलसी के पास हमेशा शुद्ध देसी घी का दीपक जलाना सबसे उत्तम होता है। यदि घी उपलब्ध न हो, तो आप तिल के तेल का उपयोग भी कर सकते हैं।
दीपक को सीधे जमीन पर न रखें। जमीन पर थोड़ा सा साफ चावल रखें और उसके ऊपर दीपक स्थापित करें। एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित है, लेकिन पूजा में अक्षत के आसन के रूप में इसका उपयोग किया जा सकता है।
एकादशी के दिन शाम के समय तुलसी के पौधे को स्पर्श करना या उसमें जल चढ़ाना सख्त मना होता है। आपको केवल दूर से ही दीपक जलाकर प्रणाम करना है।
दीपक जलाते समय मन ही मन माता लक्ष्मी और श्रीहरि का ध्यान करते हुए इस मंत्र का जप करें।
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