Shri Mahakaleshwar Ujjain : उज्जैन महाकाल की भक्ति में मिठास, 12 दिनों में 3 करोड़ से ज्यादा के लड्डू ले गए श्रद्धालु
punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 08:25 AM (IST)
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
Shri Mahakaleshwar Ujjain : उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वाले भक्तों के बीच प्रसादी लड्डू को लेकर दिलचस्प रुझान सामने आ रहा है। सेहत के लिहाज से बेहतर माने जाने के बावजूद रागी से बना अन्न प्रसाद फिलहाल श्रद्धालुओं की पसंद नहीं बन पा रहा है, जबकि पारंपरिक बेसन लड्डू की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। मंदिर समिति के हालिया आंकड़े इस बदलाव को साफ तौर पर दिखाते हैं।
रविवार को टूटा बिक्री का रिकॉर्ड
रविवार को महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इस दौरान मंदिर समिति के 10 काउंटरों से करीब 58.5 क्विंटल बेसन लड्डू की बिक्री हुई, जिससे लगभग 28 लाख रुपये से अधिक की आमदनी हुई। वहीं रागी लड्डू की बिक्री केवल करीब 6 क्विंटल तक सीमित रही और इससे लगभग 2.84 लाख रुपये प्राप्त हुए। आंकड़े बताते हैं कि रागी लड्डू की तुलना में बेसन लड्डू की मांग करीब दस गुना ज्यादा रही।
100 रुपये का पैकेट बना भक्तों की पहली पसंद
प्रसादी खरीदते समय श्रद्धालुओं ने अलग-अलग कीमत वाले पैकेट चुने, लेकिन सबसे ज्यादा डिमांड 100 रुपये वाले पैकेट की रही। इस श्रेणी में बेसन लड्डू के हजारों पैकेट बिके, जबकि रागी लड्डू के पैकेट अपेक्षाकृत कम खरीदे गए। 50 रुपये और 200 रुपये के पैकेटों में भी बेसन लड्डू की बिक्री रागी की तुलना में कहीं अधिक रही।
एक ही दिन में 30 लाख से ज्यादा का कारोबार
सिर्फ रविवार के दिन ही मंदिर समिति ने दोनों तरह के लड्डू प्रसाद से 30 लाख रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की। समिति का कहना है कि प्रसादी को ‘नो लॉस, नो प्रॉफिट’ के सिद्धांत पर उपलब्ध कराया जाता है, ताकि श्रद्धालुओं को उचित मूल्य पर शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण प्रसाद मिल सके।
12 दिनों में सैकड़ों क्विंटल लड्डू की खपत
शीतकालीन अवकाश के दौरान 25 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच 12 दिनों में कुल 643 क्विंटल से ज्यादा लड्डू प्रसादी श्रद्धालुओं ने खरीदी। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा बेसन लड्डू का रहा, जिससे करोड़ों रुपये की बिक्री हुई जबकि रागी लड्डू की बिक्री अपेक्षाकृत कम रही।
गुणवत्ता पर विशेष जोर
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, लड्डू बनाने में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाता। खाद्य प्रशासन द्वारा रोजाना जांच की जाती है और केवल शुद्ध सामग्री का ही उपयोग होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में स्वास्थ्यवर्धक श्री अन्न प्रसाद यानी रागी लड्डू को भी श्रद्धालुओं का अधिक समर्थन मिलेगा।
