Navratri Vrat Rules : नवरात्रि व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियां, मां दुर्गा की पूजा से पहले जान लें जरूरी नियम

punjabkesari.in Thursday, Oct 08, 2026 - 11:01 AM (IST)

Navratri Vrat Rules : 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरूआत होने वाली है। मां के भक्तों में हर बार ही तरह इस बार भी अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। इन नौ दिनों में भक्त माता रानी को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए पूजा-पाठ के साथ-साथ व्रत और उपवास भी रखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर व्रत अपने आप में विशेष होता है, हर व्रत के कुछ नियम होते हैं जिनका पालन करना एक व्रतधारी के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। हर कोई अपने सामर्थ्य के अनुसार व्रत रखता है लेकिन हर कोई नहीं जानता कि व्रत को सही से कैसे रखना है, क्या खाना है और क्या नहीं खाना है, क्या करना है और क्या नहीं करना है। ऐसे में कई बार अनजाने में व्यक्ति गलतियां कर बैठता है जिसके चलते व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पाता और कई बार तो व्रत भी खंडित हो जाता है। तो आइए जानते हैं नवरात्रि व्रत के नियमों और विधि के बारे में-

Navratri Vrat Rules

सबसे पहले जानते हैं कि नवरात्रि का व्रत कितने तरह का होता है, तो बता दें कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि व्रत प्रमुख रुप से चार तरह के होते हैं। जिनमें पूर्ण व्रत, अर्ध व्रत, फलाहार व्रत और दूध आधार व्रत शामिल है। हर कोई अपने सामर्थ्य के अनुसार ही व्रत रखता है। पूर्ण व्रत उसे कहा जाता है कि जिसमें कुछ श्रद्धालु पूरे नौ दिनों तक अन्न का त्याग करते हैं। अर्ध व्रत उसे कहा जाता है जिसमें कुछ लोग दिन भर में केवल एक बार ही भोजन करते हैं, लेकिन वह भोजन भी नियमों के अधीन किया जाता है। इसके अलावा फलाहार व्रत उसे कहा जाता है, जिसमें केवल फलों का सेवन किया जाता है और दूध आधार व्रत में केवल दूध और दूध से बनी चीज़ों का ही सेवन करते हुए व्रत किया जाता है।

नवरात्रि के व्रत की शुरुआत कैसे करनी चाहिए तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद पूजा स्थान की साफ-सफाई करके मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और श्रद्धापूर्वक व्रत का संकल्प लें और सच्चे मन के साथ उसका पालन करें।

आखिर नवरात्रि के व्रत में क्या खाना चाहिए तो आमतौर पर व्रत के दौरान अनाज, दाल और कुछ सामान्य खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं किया जाता। इसकी जगह फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और सामक के चावल जैसी व्रत में खाई जाने वाली चीजों का सेवन करने की मान्यता है।

Navratri Vrat Rules

व्रत के दौरान सेंधा नमक का इस्तेमाल करने की भी परंपरा भी है। हालांकि, व्रत के नियम अलग-अलग परिवारों और धार्मिक परंपराओं में कुछ अलग हो सकते हैं। इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत के नियमों का पालन करना उचित माना जाता है।

नवरात्रि के दौरान किन वस्तुओं के सेवन से बचना चाहिए तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के व्रत में सात्विक भोजन करने पर जोर दिया जाता है। ऐसे में मांसाहारी भोजन, शराब और तामसिक भोजन जैसे लहसुन और प्याज़ के सेवन से भी पूरी तरह से परहेज किया जाता है।

नवरात्रि का व्रत केवल खान-पान से जुड़ा हुआ नहीं माना जाता, बल्कि इस दौरान मन और व्यवहार में भी संयम रखने की बात कही जाती है। इसलिए व्रत के दौरान किसी के प्रति गलत भावना न रखें और क्रोध, विवाद या अपशब्दों से बचने का प्रयास करें।

नवरात्रि के दौरान किसी भी जीव को कष्ट न दें और न ही चमड़े से बनी किसी वस्तु जैसे कि बेल्ट, जूते, चप्पल, पोशाक, बैग आदि चीज़ों का इस्तेमाल न करें।

नवरात्रि के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना भी अनिवार्य माना गया है। ऐसे में चाहे आप व्रत करें या न करें, कोशिश करें कि इन नियमों का पालन ज़रूर करें।

Navratri Vrat Rules

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Sarita Thapa

Related News