Jwalamukhi Mandir : ज्वालामुखी मंदिर से बड़ी खबर, लगातार 24 घंटे होंगे दर्शन, चढ़ावे ने तोड़ा रिकॉर्ड
punjabkesari.in Wednesday, Mar 25, 2026 - 07:46 AM (IST)
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Jwalamukhi Mandir : चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध Shri Jwalamukhi Temple में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां ज्वाला की पवित्र ज्योतियों के दर्शन के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नवरात्रि की छठी, सप्तमी और अष्टमी तिथि पर मंदिर को 24 घंटे दर्शन के लिए खुला रखा जाएगा, ताकि सभी श्रद्धालु बिना परेशानी के माता के दर्शन कर सकें।
मंदिर प्रशासन की व्यवस्था
मंदिर के अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि नवरात्रि के दौरान कर्मचारियों की ड्यूटी शिफ्टों में लगाई गई है, जिससे मंदिर की व्यवस्थाएं लगातार सुचारू रूप से चलती रहें। प्रशासन भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक दर्शन कराने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।
मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान
नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल बना हुआ है। श्रद्धालु भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना, हवन-यज्ञ और मुंडन जैसे धार्मिक अनुष्ठान करवा रहे हैं। मंदिर के पुजारी कपिलमुनि के अनुसार, नवरात्रि में यहां पूजा और हवन करने से कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है, इसलिए भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर के गर्भगृह में मां ज्वाला सात स्वरूपों में विराजमान हैं—मां चंडी, हिंगलाज, विंध्यवासिनी, महाकाली, अन्नपूर्णा, महासरस्वती और महालक्ष्मी। श्रद्धालु इन सभी पवित्र ज्योतियों के दर्शन कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
चढ़ावे और श्रद्धालुओं की संख्या
मंदिर प्रशासन के अनुसार, नवरात्रि के पहले चार दिनों में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं और लगभग 25 लाख रुपये का चढ़ावा मंदिर में आ चुका है। पांचवें दिन तक भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही, जो इस बार नवरात्रि में भारी भीड़ को दर्शाती है।
सुरक्षा और सुविधाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन ने मेडिकल कैंप, साफ-सफाई, व्यवस्थित दर्शन लाइन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल की तैनाती की है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और शांतिपूर्वक दर्शन करें, ताकि सभी भक्तों को माता के दर्शन का लाभ मिल सके।
