मंदिरों में पुजारियों के वेतन की समीक्षा के लिए जनहित याचिका दायर
punjabkesari.in Monday, May 11, 2026 - 09:53 AM (IST)
नई दिल्ली (प.स.): सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर केंद्र और राज्य सरकारों को सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में पुजारियों, सेवादारों और अन्य कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेतन और अन्य लाभों की समीक्षा के लिए एक न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने यह जनहित याचिका दायर की है।
याचिकाकर्त्ता का कहना है कि एक बार जब सरकार मंदिरों के प्रशासनिक, आर्थिक और वित्तीय नियंत्रण अपने हाथ में ले लेती है, तो नियोक्ता-कर्मचारी संबंध स्थापित हो जाता है। ऐसे में पुजारियों और मंदिर के अन्य कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन से वंचित करना अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत आजीविका के अधिकार का उल्लंघन है।
उपाध्याय ने कहा कि 4 अप्रैल को जब वह एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए वाराणसी गए तब सरकारी नियंत्रण वाले काशी विश्वनाथ मंदिर में ‘रुद्राभिषेक’ करने के बाद उन्हें पता चला कि पुजारियों और मंदिर के अन्य कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन यापन के लिए न्यूनतम मजदूरी भी नहीं दी जाती है।
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