Chaitra Purnima 2025: इस दिन मनाई जाएगी चैत्र पूर्णिमा, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त

punjabkesari.in Saturday, Apr 05, 2025 - 08:37 AM (IST)

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Chaitra Purnima 2025: चैत्र पूर्णिमा हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष के पहले महीने, चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। यह दिन खासतौर पर भारतीय संस्कृति और धर्म में महत्व रखता है। चैत्र माह की पूर्णिमा का दिन विशेष रूप से देवी-देवताओं की पूजा, व्रत, तपस्या, और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए समर्पित होता है। इस दिन को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं प्रचलित हैं और यह दिन विशेष रूप से विशेष धार्मिक कार्यों और पुण्य कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है। चैत्र पूर्णिमा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यधिक है। इस दिन का विशेष संबंध भगवान विष्णु से जुड़ा हुआ है। चैत्र पूर्णिमा के दिन को लेकर धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि इस दिन गंगा स्नान करना अत्यधिक शुभ होता है और इस दिन का व्रत करने से व्यक्ति के सभी पाप समाप्त हो जाते हैं। यही कारण है कि इस दिन विशेष रूप से पुण्य लाभ की प्राप्ति के लिए व्रत और उपवास रखे जाते हैं।

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Chaitra Purnima Date चैत्र पूर्णिमा तिथि 
पंचांग के अनुसार चैत्र पूर्णिमा की शुरुआत 12 अप्रैल सुबह 3 बजकर 21 मिनट से होगी और अगले दिन 13 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर इसका समापन होगा। उदया तिथि के अनुसार 12 अप्रैल को पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा। 

Chaitra Purnima Shubh Muhurat चैत्र पूर्णिमा शुभ मुहूर्त 
ब्रह्म मुहूर्त-
सुबह 4:29 ए.एम से 5:14 ए.एम तक।
अभिजीत मुहूर्त- 11:56 ए.एम से दोपहर 12:48 पी.एम तक। 

Chaitra Purnima चैत्र पूर्णिमा शुभ योग
ज्योतिष गणना के अनुसार चैत्र पूर्णिमा पर बहुत से शुभ योग बन रहे हैं। सबसे पहले दुर्लभ भद्रावास योग 
ज्योतिषियों की मानें तो चैत्र पूर्णिमा के शुभ अवसर पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इनमें दुर्लभ भद्रावास योग का संयोग शाम 04 बजकर 35 मिनट तक है। इसदौरान भद्रा पाताल लोक में रहेंगी। भद्रा के पाताल में रहने के दौरान पूजा-पाठ करने से सुखों में वृद्धि होती है। इसके साथ ही हस्त और चित्रा नक्षत्र का संयोग है। 

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Chaitra Purnima Puja Vidhi चैत्र पूर्णिमा पूजा विधि

इस दिन विशेष रूप से ध्यान और साधना के अलावा, दान-पुण्य का भी महत्व है। जो लोग इस दिन व्रत करते हैं वे गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, और अन्य सामग्री का दान करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए दान का फल कई गुना बढ़ जाता है और यह व्यक्ति के पुण्य में वृद्धि करता है।

इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। श्रद्धालु विशेष रूप से गंगा नदी के किनारे जाकर स्नान करते हैं ताकि उनके पाप समाप्त हो सकें और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हो।

चैत्र पूर्णिमा के दिन दान देने का महत्व है। इस दिन विशेष रूप से गरीबों को वस्त्र, अन्न और धन दान करने से पुण्य मिलता है।

इस दिन व्रत और उपवास रखने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उपवास के दौरान श्रद्धालु विशेष रूप से ध्यान और साधना करते हैं।

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Content Editor

Prachi Sharma

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