Baisakhi 2026: इस बार अपनाएं ये अचूक वास्तु उपाय, पूरे साल बरसेगी खुशहाली और बरकत
punjabkesari.in Monday, Apr 13, 2026 - 12:37 PM (IST)
Baisakhi 2026: बैसाखी का पावन पर्व न केवल फसल कटाई का उत्सव है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति में नववर्ष और नई आशाओं का प्रतीक भी माना जाता है। उत्तर भारत में इस दिन का विशेष महत्व है, जहां लोग नई शुरुआत के लिए तत्पर रहते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि इस विशेष दिन पर कुछ सरल नियमों का पालन किया जाए, तो घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

ऊर्जा की शुद्धि से करें शुरुआत
वास्तु के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य से पहले स्वच्छता अनिवार्य है। बैसाखी के दिन अपने घर के हर कोने, विशेषकर मुख्य द्वार, रसोई और पूजा घर की गहराई से सफाई करें। सफाई के उपरांत जल में गंगाजल या समुद्री नमक मिलाकर पूरे घर में छिड़काव करें, जिससे घर की दूषित ऊर्जा समाप्त हो जाए।
मुख्य द्वार: खुशियों का प्रवेश द्वार
घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहां से सकारात्मक ऊर्जा भीतर आती है। बैसाखी पर अपने द्वार को आम के पत्तों के तोरण (बंदनवार) से सजाएं। साथ ही, मुख्य द्वार के दोनों ओर स्वस्तिक या शुभ-लाभ का चिन्ह बनाना अत्यंत लाभकारी रहता है, जो घर में सौभाग्य को आकर्षित करता है।

रसोई में मिठास और अग्नि का संतुलन
रसोई घर को अग्नि का मुख्य स्थान माना जाता है। इस दिन अपनी रसोई को स्वच्छ कर वहां गुड़ और चावल की खीर या मीठे चावल अवश्य बनाएं। मीठे भोजन का भोग लगाने से न केवल परिवार में प्रेम बढ़ता है, बल्कि घर में सुख-शांति भी बनी रहती है।
ईशान कोण में दीप प्रज्वलन
पूजा के लिए घर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को सबसे पवित्र माना जाता है। बैसाखी की सुबह और शाम इस दिशा में शुद्ध घी का दीपक जलाएं। यह अभ्यास दैवीय कृपा प्राप्त करने और मानसिक शांति के लिए सर्वोत्तम है।
हरियाली से बढ़ाएं सकारात्मकता
बैसाखी नई फसल का त्यौहार है, इसलिए इस दिन घर में नया पौधा लगाना शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार, आप अपने घर में तुलसी या मनी प्लांट लगा सकते हैं। यह न केवल पर्यावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि घर के वातावरण में संतुलन और जीवंतता भी लाते हैं।

धन वृद्धि के लिए विशेष उपाय
अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए बैसाखी के दिन अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान को साफ करें और वहां एक लाल कपड़ा बिछाएं। समृद्धि के प्रवाह को बनाए रखने के लिए उसमें चांदी का सिक्का या हल्दी की एक गांठ रखना वास्तु सम्मत माना जाता है।
मानसिक शांति और ध्यान
अंत में, अपनी आंतरिक ऊर्जा को संतुलित करने के लिए इस दिन योग और प्राणायाम करें। वास्तु के अनुसार, पूर्व दिशा की ओर मुख करके ध्यान लगाना मानसिक स्पष्टता और सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देता है।

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