घर की उत्तर-पूर्व दिशा में बनी ये चीजें खींच लाती हैं नकारात्मक ऊर्जा और बनती है वास्तु दोष का मुख्य कारण

punjabkesari.in Monday, May 25, 2026 - 12:35 PM (IST)

Vastu Tips for Home Energy : वास्तु का हमारे जीवन में बहुत खास महत्व है। किसी भी काम को करने से पहले वास्तु के नियमों का ध्यान रखना  बहुत जरूरी होता है। घर की सुख-समृद्धि और शांति में वास्तु का सबसे बड़ा योगदान है। वास्तु शास्त्र में हर एक दिशा का अपना एक खास महत्व और ऊर्जा होती है। इनमें से उत्तर-पूर्व दिशा जिसे ईशान कोण भी कहा जाता है, को सबसे पवित्र और संवेदनशाल माना जाता है। माना जाता है कि इस दिशा में देवी-देवताओं और सकारात्मक शक्तियों का वास होता है। लेकिन अनजाने में हम इस दिशा से जुड़ी कुछ गलतियां कर देते हैं, जो घर में नकारात्मक ऊर्जा को खींच लाती है और वास्तु दोष का कारण बनती है। तो आइए जानता हैं  उत्तर-पूर्व दिशा में किन चीजों का होना बर्बादी और मानसिक तनाव का कारण बनता है।

शौचालय या टॉयलेट 
ईशान कोण में शौचालय का होना वास्तु शास्त्र में सबसे भारी दोष माना जाता है। यह दिशा जल तत्व और दैवीय ऊर्जा से जुड़ी है। यहां शौचालय होने से घर की पूरी सकारात्मकता बह जाती है। परिवार के सदस्यों की सेहत खराब रहने लगती है, तरक्की रुक जाती है और बिना वजह पैसों का नुकसान होता है।

रसोई घर 
उत्तर-पूर्व दिशा अग्नि के लिए नहीं बनी है। रसोई का स्थान दक्षिण-पूर्व होना चाहिए। जल और अग्नि का आपस में विरोध है। इस दिशा में चूल्हा जलने से वास्तु का संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाता है। घर के लोगों में गुस्सा बढ़ता है, आपसी तालमेल खराब होता है और वित्तीय संकट का सामना करना पड़ता है।

बेडरूम या सीढ़ियां 
वास्तु के अनुसार, उत्तर-पूर्व में भारी निर्माण जैसे कि सीढ़ियां या मास्टर बेडरूम नहीं होना चाहिए। सीढ़ियों का भारीपन इस कोने की हल्की और दिव्य ऊर्जा को दबा देता है। वहीं यहां सोने से मानसिक शांत रहने की बजाय विचारों के जाल में उलझा रहता है। 

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Content Editor

Sarita Thapa

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