Ganga Dussehra 2026: फूटी किस्मत भी चमक उठेगी! गंगा दशहरा पर करें ये 10 महाउपाय, मिट जाएंगे जन्मों के पाप
punjabkesari.in Sunday, May 24, 2026 - 12:37 PM (IST)
Ganga Dussehra Rituals: सनातन धर्म में गंगा दशहरा का पर्व बेहद खास माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, मां गंगा का जन्म भगवान विष्णु के चरणों से हुआ है और वे भगवान शिव की जटाओं में वास करती हैं। इस साल 25 मई को मनाया जाने वाला यह पर्व मनुष्य के 10 प्रकार के पापों को नष्ट करने की शक्ति रखता है। अगर आप भी अपने जीवन में सुख-समृद्धि और मां गंगा का आशीर्वाद चाहते हैं, तो इस दिन ये 10 विशेष कार्य जरूर करें:

गंगा दशहरा के दिन 10 का अंक शुभ माना जाता है। 10 दीपक जलाएं और 10 वस्तुओं का दान करें। दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इस दिन दान में सत्तू, मटका और हाथ का पंखा दान करने से दस गुना फल प्राप्त होता है।
गंगा नदी में स्नान करने से दस पापों का हरण होता है, अंत में मुक्ति मिलती है। यदि आप गंगा नदी में स्नान नहीं कर सकते तो घर पर ही नहाने की बाल्टी में गंगा जल डालकर स्नान करें।
गंगा के दर्शन मात्र से पापों का नाश होता है। साक्षात न सही चित्र, घर में पड़े गंगा जल अथवा गूगल पर गंगा मईया के दर्शन अवश्य करें।
गंगा स्नान, अन्न-वस्त्रादि का दान, जप-तप, उपासना और उपवास किया जाता है। इससे 10 प्रकार के पापों से छुटकारा मिलता है।
गंगा, शिव, ब्रह्मा, सूर्य देवता, भागीरथी तथा हिमालय की प्रतिमा बनाकर दूध, बताशा, जल, रोली, नारियल, धूप, दीप से पूजन करके दान करने से विशेष फल प्राप्त होता है।

गंगा स्त्रोत का पाठ करना चाहिए।
लक्ष्मी नारायण की कृपा पाने के लिए दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल भरकर श्री विष्णु का अभिषेक करें।
शिवलिंग पर गंगा जल चढ़ाएं। जीवन से सभी विकार नष्ट हो जाएंगे।
वास्तु सिद्धांत का मानता है कि घर के हर कोने में ऊर्जा का एक स्थायी प्रभाव होता है। समय के साथ वहां नकारात्मक ऊर्जा जमा हो सकती है। गंगाजल एक नैसर्गिक ऊर्जा शुद्धिक (natural energy purifier) की तरह कार्य करती है। गंगाजल में मौजूद सूक्ष्म कंपन (subtle vibrations) उस स्थान की थमी हुई या गंदी ऊर्जा को नष्ट करती है।
गंगा जल को घर में छिड़कने से हर तरह के वास्तु दोषों से छुटकारा मिल सकता है। गंगा जल का मुख्य द्वार पर छींटे देने से कोई भी नकारात्मक शक्ति घर में प्रवेश नहीं कर पाती। सकारात्मकता का माहौल बनता है।

