शनि जयंती की शाम इन जगहों पर जलाएं दीपक, सालभर बनी रहेगी शनि कृपा

punjabkesari.in Saturday, May 16, 2026 - 10:07 AM (IST)

Shani Jayanti 2026 Remedies : हर साल ज्येष्ठ माह में आने वाली अमावस्या पर शनि जयंती मनाई जाती है। सनातन धर्म में शनि जयंती का दिन शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बहुत खास माना जाता है। इस बार शनि जयंती शनिवार के दिन पड़ने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है। शनि जंयती के शाम को किए गए कुछ उपायों ज्योतिष में बहुत प्रभावशाली माना जाता है। इन उपायों को करने से जीवन में खुशहाली बनी रहती है और सारा साल शनिदेव की खास कृपा प्राप्त होती है। शनि जयंती और अमावस्या की शाम को कुछ जगहों पर सरसों के तेल का दीपक जलाने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं कि सरसों के तेल का दीपक किन-किन जगहों पर जलाना चाहिए। 

शनि मंदिर में जाकर लगाएं दीपक 
शनि जयंती की शाम को अपने घर के पास के मंदिर में जाकर शनिदेव की पूजा करते समय उनकी मूर्ति या तस्वीर के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते है और अपनी कृपा आप पर बनाएं रखते हैं।

पीपल के पेड़ के समक्ष जलाएं दीपक
शनि जयंती की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना बहुत शुभ और खास माना जाता है। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, ऐसा करने से जीवन में आने वाली हर परेशानी दूर होती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। 

शमी के पौधे के समक्ष जलाएं दीपक 
शमी का पौधा शनिदेव को बहुत प्रिय है। माना जाता है कि शनि जयंती की शाम शमी के पौधे के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाने से मन की हर मनोकामना पूरी होती है और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। 

घर के मुख्य द्वार पर जलाएं दीपक
वास्तु में घर के मुख्य द्वार को बहुत खास माना जाता है। यह वो स्थान है, जहां से नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा दोनों का वास होता है। शनि जयंती की शाम मुख्य द्वार में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा करने से देवी-देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। 

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Content Editor

Sarita Thapa

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