Property Registry Rules: प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पर बड़ा बदलाव.... आया नया नियम-कानून
punjabkesari.in Wednesday, Apr 02, 2025 - 12:50 PM (IST)

नेशनल डेस्क: भारत में प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री एक बहुत ही संवेदनशील और जटिल प्रक्रिया है, जिसमें कानूनी नियमों का पालन बेहद जरूरी है। हर दिन करोड़ों रुपये की संपत्ति का लेन-देन होता है, और इसके दौरान सरकार ने कई तरह के नियम और कानून तय किए हैं। इन नियमों में से एक महत्वपूर्ण नियम प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री से जुड़ा है, जिसमें दो गवाहों की उपस्थिति अनिवार्य होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कौन लोग गवाह के रूप में नहीं बन सकते?
जब किसी प्रॉपर्टी का सौदा होता है, तो रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान गवाहों की भूमिका बहुत अहम होती है। यह गवाह यह सुनिश्चित करते हैं कि संपत्ति के लेन-देन की प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हो रही है। लेकिन इस दौरान कुछ खास लोग हैं, जिन्हें गवाह के रूप में शामिल नहीं किया जा सकता। आइए जानते हैं कि कौन से लोग रजिस्ट्री के गवाह नहीं बन सकते हैं:
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18 वर्ष से कम आयु वाले लोग – प्रॉपर्टी रजिस्ट्री में केवल वयस्कों को गवाह बनाया जा सकता है। 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति को गवाह नहीं बनाया जा सकता क्योंकि वे कानूनी तौर पर फैसले लेने में सक्षम नहीं होते।
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प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने वाले व्यक्ति – जो लोग प्रॉपर्टी के लेन-देन में शामिल होते हैं, उन्हें गवाह नहीं बनाया जा सकता है। गवाहों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि डील में कोई पक्षपाती या अनैतिक प्रक्रिया न हो।
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मानसिक स्थिति ठीक न होने वाले व्यक्ति – मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को गवाह नहीं बनाया जा सकता। गवाह को पूरी डील की समझ होनी चाहिए और वह यह जानता होना चाहिए कि वह किस तरह की प्रक्रिया में शामिल हो रहा है।
इन नियमों के अंतर्गत, सरकार यह सुनिश्चित करती है कि प्रॉपर्टी डीलिंग पारदर्शी और कानूनी तरीके से हो। रजिस्ट्री प्रक्रिया भारतीय पंजीकरण अधिनियम, 1908 के तहत संचालित होती है, जो संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन, धोखाधड़ी से बचाव, और स्वामित्व के अधिकारों की सुरक्षा करता है।