Gold-Silver Rates : अचानक सोने-चांदी के दामों में आई भारी गिरावट, 12 हजार रुपए सस्ता... जानें नए रेट

punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 09:21 PM (IST)

नेशनल डेस्क : दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद सोना और चांदी के दामों में बुधवार को तेज गिरावट दर्ज की गई। आम तौर पर ऐसे हालात में सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग बढ़ती है, लेकिन इस बार बाजार में अलग ही रुख देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों की कीमतों में गिरावट के साथ कारोबार होता दिखाई दिया।

एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों फिसले

बुधवार शाम करीब 7:30 बजे तक एमसीएक्स पर सोने की कीमत लगभग 1700 रुपये से ज्यादा गिरकर करीब 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रही थी। वहीं चांदी में इससे भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। चांदी के भाव करीब 12 हजार रुपये टूटकर लगभग 2.66 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गए। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक यह गिरावट पिछले दिन आई तेजी के बाद मुनाफावसूली के कारण देखने को मिली है।

रिकॉर्ड स्तर से अब भी काफी नीचे

इस साल की शुरुआत में सोना और चांदी दोनों ने ऐतिहासिक ऊंचाई को छुआ था। जनवरी में एमसीएक्स पर सोना करीब 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था, जबकि चांदी ने लगभग 4.20 लाख रुपये का हाई बनाया था। मौजूदा गिरावट के बाद सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 32 हजार रुपये नीचे चल रहा है। वहीं चांदी की कीमतें भी अपने उच्चतम स्तर से करीब 1.5 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती बनी हुई हैं।

वैश्विक बाजार में भी कीमतों में ठहराव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में ज्यादा हलचल नहीं देखी गई। 11 मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार वैश्विक बाजार में सोना करीब 5,000 से 5,200 डॉलर प्रति औंस के दायरे में बना रहा, जबकि चांदी की कीमत लगभग 81 से 88 डॉलर प्रति औंस के बीच रही। इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं में स्थिरता का माहौल है।

गिरावट के पीछे ये रहे बड़े कारण

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में सोना और चांदी तेजी से बढ़े थे, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए बिकवाली शुरू कर दी। इसी वजह से दोनों धातुओं की कीमतों पर दबाव आया। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी एक अहम वजह मानी जा रही है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो आम तौर पर सोने और चांदी में निवेश कम हो जाता है। अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों के बाद यह उम्मीद बढ़ी है कि फेडरल रिजर्व फिलहाल ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में निवेशक बॉन्ड और अन्य विकल्पों की ओर ज्यादा झुकते हैं।

ट्रेडिंग नियमों का भी पड़ा असर

चांदी में ज्यादा गिरावट का एक कारण फ्यूचर्स मार्केट में ट्रेडिंग मार्जिन बढ़ाया जाना भी बताया जा रहा है। मार्जिन बढ़ने के बाद कई ट्रेडर्स को अपनी पोजिशन कम करनी पड़ी, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ी और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली।

वैश्विक तनाव से बाजार में अस्थिरता

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण कमोडिटी मार्केट में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए और बाजार की दिशा स्पष्ट होने तक सतर्क रहना चाहिए।


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News Editor

Parveen Kumar

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