मुख्यमंत्री ने ओडिशा में मध्याह्न भोजन योजना और ‘शिशु वाटिका’ कार्यक्रम की शुरुआत की
punjabkesari.in Wednesday, Apr 02, 2025 - 03:15 PM (IST)

नेशनल डेस्क: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में ‘शिशु वाटिका’की शुरुआत की, जो कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा देने की दिशा में एक अहम कदम है। यह पहल पांच से छह साल के बच्चों के लिए 'प्री-स्कूल' कक्षाएं शुरू करने के उद्देश्य से की गई है। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए राज्यभर के बच्चों को शिक्षा की ओर पहला कदम बढ़ाने का अवसर दिया। ‘शिशु वाटिका’ की शुरुआत ओडिशा के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो बच्चों के शिक्षा के प्रारंभिक चरण को सुदृढ़ बनाएगा। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का इस पहल के प्रति समर्पण और उनकी शिक्षा के प्रति गंभीरता इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। शिशु वाटिका कार्यक्रम और मध्याह्न भोजन योजना जैसे कदम बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे और ओडिशा के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेंगे।
‘शिशु वाटिका’ कार्यक्रम का उद्देश्य
‘शिशु वाटिका’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा का अनुभव देना है, ताकि वे स्कूल जाने की प्रक्रिया से परिचित हो सकें और उनके भविष्य की शिक्षा के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया जा सके। ओडिशा सरकार की यह पहल पांच से छह साल के बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा देने के लिए बनाई गई है, ताकि वे जीवन के शुरुआती चरण में ही शिक्षा से जुड़ सकें। इस पहल के तहत, बच्चों को पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और उन्हें शिक्षा के प्रति उत्साहित किया गया।
‘प्रवेश उत्सव’ और ‘खड़ी छुअन’ कार्यक्रम
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बच्चों का स्वागत ‘प्रवेश उत्सव’ के माध्यम से किया, जिसमें उन्हें पारंपरिक तरीके से स्कूल में स्वागत किया गया। इसके बाद, बच्चों को 'खड़ी छुअन' (चॉक को छूना) कार्यक्रम में शामिल किया गया, जिसमें उन्होंने पहली बार स्लेट पर कुछ लिखने का प्रयास किया। यह कार्यक्रम बच्चों को शैक्षिक गतिविधियों से परिचित कराता है और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए उनका हौंसला बढ़ाया और उन्हें शिक्षा की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री का बच्चों के प्रति लगाव
कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री बडागडा हाई स्कूल की एक कक्षा में फर्श पर बैठे और एक बच्ची का हाथ पकड़कर उसे स्लेट पर 'शून्य' लिखने में मदद करते हुए दिखाई दिए। मुख्यमंत्री, जो स्वयं एक पूर्व शिक्षक हैं, ने इस दौरान बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें शिक्षा के प्रति उत्साहित किया। यह दृश्य मुख्यमंत्री की बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।
मध्याह्न भोजन योजना की शुरुआत
मुख्यमंत्री माझी ने इस अवसर पर कक्षा नौ और कक्षा दस के छात्रों के लिए राज्य सरकार की नई मध्याह्न भोजन योजना का भी उद्घाटन किया। इस योजना के तहत, अप्रैल 2025 से कक्षा नौ और कक्षा दस के छात्रों को भी गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस योजना को छात्रों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि इससे छात्रों के पोषण स्तर में सुधार होगा।
एनईपी 2020 का कार्यान्वयन
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के कार्यान्वयन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ओडिशा के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। एनईपी 2020 के तहत किए गए बदलावों को लागू करके राज्य सरकार बच्चों को शिक्षा के उच्च मानकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि शिशु वाटिका पहल बच्चों के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और यह उनके आत्मनिर्भर और सशक्त भविष्य के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगी।