ईरान के साथ तनाव के बीच ट्रंप का नया ड्रामाः शेयर की विवादित AI तस्वीर, होर्मुज को‘अमेरिका का हिस्सा’ दिखाकर मचाया बवाल
punjabkesari.in Tuesday, Aug 18, 2026 - 07:05 PM (IST)
Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक AI-जनरेटेड तस्वीर ने पश्चिम एशिया के तनाव को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। ट्रंप ने अपने Truth Social अकाउंट पर ऐसी तस्वीर साझा की, जिसमें Strait of Hormuz को “NEW U.S. Territory” यानी ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ बताया गया है। तस्वीर सामने आने के बाद इसे ईरान के साथ जारी तनाव के बीच एक बेहद आक्रामक राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। ट्रंप की पोस्ट में ईरान और अरब प्रायद्वीप के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य का नक्शा दिखाई देता है। इसके एक हिस्से को घेरे हुए फ्रेम में बड़े अक्षरों में “NEW U.S. Territory” लिखा गया है। हालांकि, यह तस्वीर AI से बनाई गई है और अपने आप में अमेरिका द्वारा किसी औपचारिक क्षेत्रीय अधिग्रहण की घोषणा नहीं है। लेकिन ट्रंप के हालिया बयानों के साथ इसे जोड़कर देखा जा रहा है।
ट्रंप ने इससे पहले भी होर्मुज को लेकर बेहद सख्त बयान दिया था। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास इस रणनीतिक जलमार्ग पर “total control” है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि इससे ईरान पर दबाव बढ़ा है और तेल की कीमतों में गिरावट आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पास होर्मुज को लेकर और ज्यादा कड़े कदम उठाने का विकल्प मौजूद है। ट्रंप ने ईरान की आर्थिक और सैन्य स्थिति पर भी तीखी टिप्पणी की और दावा किया कि देश गंभीर संकट में है। अमेरिका के इन दावों के बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने साफ संकेत दिया कि तेहरान अपनी शर्तों के बिना होर्मुज को पूरी तरह खोलने के लिए तैयार नहीं है।
उनके मुताबिक, अमेरिकी नाकाबंदी हटाने, कथित रूप से फ्रीज की गई संपत्तियां जारी करने, तेल प्रतिबंध हटाने और सैन्य कार्रवाइयां रोकने जैसी शर्तों पर अमल होने के बाद ही जलडमरूमध्य को खोलने पर विचार किया जाएगा। गालिबाफ ने अमेरिका पर समझौते की शर्तों से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान सैन्य और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर जवाब देने के लिए तैयार है। बता दें कि Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले तेल और गैस के बड़े हिस्से के लिए यह जलमार्ग बेहद अहम है। यही वजह है कि यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव, नाकाबंदी या जहाजों की आवाजाही में रुकावट पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर असर डाल सकती है। यही नहीं भारत समेत कई एशियाई देश भी खाड़ी क्षेत्र से आने वाले ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं।
ट्रंप की तस्वीर भले ही AI से बनाई गई हो, लेकिन इसके पीछे का राजनीतिक संदेश बेहद स्पष्ट और आक्रामक माना जा रहा है। एक तरफ अमेरिका होर्मुज पर अपने प्रभाव और नियंत्रण का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान जलमार्ग को अपनी शर्तों से जोड़ रहा है। ऐसे में दुनिया की नजर अब इस रणनीतिक जलमार्ग पर टिकी है, क्योंकि यहां बढ़ता तनाव सिर्फ अमेरिका और ईरान के रिश्तों को नहीं, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी प्रभावित कर सकता है।
