Shocking Report:ट्रंप की धमकी से अब हिला ईरान, देश छोड़ भागने की तैयारी में सर्वोच्च नेता खामेनेई ! रूस बनेगा ठिकाना
punjabkesari.in Monday, Jan 05, 2026 - 06:10 PM (IST)
International Desk: ईरान में गंभीर आर्थिक संकट के चलते भड़के देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों के बीच एक विदेशी मीडिया रिपोर्ट ने बड़ा और संवेदनशील दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कथित हस्तक्षेप और धमकी के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई देश छोड़ने की योजना पर विचार कर रहे हैं। द टाइम्स की रिपोर्ट में एक कथित इंटेलिजेंस आकलन का हवाला देते हुए कहा गया है कि 86 वर्षीय खामेनेई ने “बैक-अप प्लान” तैयार कर रखा है। दावा किया गया है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो वे अपने लगभग 20 करीबी सहयोगियों और परिवार के सदस्यों के साथ ईरान से बाहर जा सकते हैं।
UST IN: 🇮🇷🇺🇸🇷🇺 Intelligence report claims Iranian Supreme Leader Khamenei plans to flee to Russia if his security forces fail to suppress protests, 'The Times' reports. pic.twitter.com/SzU72aFCuY
— TRIDENT (@TridentxIN) January 5, 2026
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि खामेनेई के लिए संभावित शरणस्थली रूस हो सकती है ठीक वैसे ही जैसे सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद को रूसी समर्थन मिला था। रिपोर्ट के अनुसार, विकल्प सीमित होने के कारण मॉस्को ही उनके लिए सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जा रहा है। हालांकि, ईरानी सरकार या खामेनेई के कार्यालय की ओर से इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस बीच, ईरान में हालात तेजी से बिगड़े हैं। आर्थिक बदहाली, महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भड़के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिंसा में कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के 31 में से 25 प्रांतों में 170 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन हुए हैं और 580 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
They,Iran’s Ayatollah Khamenei plans to flee from Iran.
— Error-404 🇵🇸 🍁 (@Error_Koshur) January 5, 2026
Meanwhile Imam khamenei ,on the next Friday.❤️🇮🇷
#لبیک_یا_خامنه_ای#Iran #ShutUpTrump #ترامپ_غلط_کرد pic.twitter.com/1YpFxERFEG
विरोध-प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अशांति फैलाने वालों को “दंगाई” बताते हुए कहा कि उनसे सख्ती से निपटना होगा। यह बयान हिंसक प्रदर्शनों के बाद उनकी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता अमेरिकी दबाव, आंतरिक असंतोष और आर्थिक संकट तीनों मिलकर ईरान को एक गंभीर राजनीतिक मोड़ की ओर धकेल रहे हैं। हालांकि, खामेनेई के देश छोड़ने से जुड़े दावे फिलहाल अपुष्ट हैं और इन्हें सावधानी के साथ देखा जाना चाहिए।
