ईरान में हालात नियंत्रण से बाहरः भारत की अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की चेतावनी
punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 03:35 PM (IST)
International Desk: ईरान में चल रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों को तत्काल देश छोड़ने की सलाह जारी की है। Embassy of India in Tehran ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि बदलते हालात को देखते हुए छात्र, तीर्थयात्री, कारोबारी और पर्यटक उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों से जल्द से जल्द ईरान से बाहर निकल जाएं। यह परामर्श 5 जनवरी और 14 जनवरी 2026 को जारी पहले के अलर्ट का ही विस्तार है।
क्या है एडवाइजरी में?
- प्रदर्शन या भीड़ वाले इलाकों से दूर रहें
- स्थानीय मीडिया पर नजर रखें
- अपने पासपोर्ट और पहचान पत्र हमेशा साथ रखें
- दूतावास से लगातार संपर्क बनाए रखें
भारतीय दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी जारी किए गए हैं। साथ ही, जिन भारतीयों ने अभी तक दूतावास में पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें तुरंत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने को कहा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में छात्रों ने लगातार दूसरे दिन सरकार विरोधी प्रदर्शन किए। तेहरान विश्वविद्यालय, शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, अमीरकबीर यूनिवर्सिटी और शाहिद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी जैसे प्रमुख संस्थानों में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे।
भारतीयों के लिए जरूरी जानकारी
- आपातकालीन मोबाइल नंबर: +989128109115, +989128109109, +989128109102, +989932179359
- ईमेल: cons.tehran@mea.gov.in
- रजिस्ट्रेशन लिंक: meaers पोर्टल (दूतावास की वेबसाइट पर उपलब्ध)
यह एडवाइजरी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है। स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए सभी भारतीयों से सतर्क रहने और दूतावास के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। प्रदर्शनों के दौरान सरकार समर्थक समूहों और विरोधी छात्रों के बीच झड़पें भी हुईं।बताया गया है कि अर्धसैनिक बल Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) से जुड़े बसीज सदस्यों की भी तैनाती की गई।
कैंपस के आसपास भारी हथियारों से लैस सुरक्षा बल तैनात हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हालिया प्रदर्शनों और पहले हुए दमन के दौरान हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि ईरानी सरकार ने आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।जनवरी 8 और 9 की रात देशभर में संचार सेवाएं बंद कर दी गई थीं, जिसके बाद हिंसक झड़पों की खबरें सामने आईं।ईरान पहले से ही अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव का सामना कर रहा है। ऐसे में आंतरिक अशांति ने हालात को और जटिल बना दिया है।
