US सैन्य घेराबंदी पर ईरान भी आक्रामक: खामेनेई ने कब्र वाली तस्वीर की शेयर ! बोले- अमेरिकी युद्धपोतों को ...
punjabkesari.in Wednesday, Feb 18, 2026 - 04:39 PM (IST)
International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब खुले युद्ध संकेतों का रूप ले लिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान के पास ऐसे हथियार हैं जो अमेरिकी जंगी बेड़े को समंदर में ही डुबो सकते हैं। उनके इस बयान से साफ संकेत मिलते हैं कि तेहरान भी किसी भी टकराव के लिए खुद को तैयार मान रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब United States ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी अचानक बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटों में अमेरिका ने 50 से अधिक अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की तैनाती की है, जिनमें एफ-22, एफ-35 और एफ-16 जैसे फाइटर जेट शामिल बताए जा रहे हैं। इनके साथ हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर भी भेजे गए हैं, जो लंबे सैन्य अभियान की तैयारी का संकेत देते हैं।
खामेनेई का सीधा हमला ट्रंप पर
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के युद्धपोत भेजने के दावे पर पलटवार करते हुए खामेनेई ने सोशल मीडिया पर एक विवादित तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में अमेरिका का विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford समुद्र के नीचे डूबा हुआ दिखाया गया है, साथ में कब्र का प्रतीक भी लगाया गया है। खामेनेई ने लिखा कि युद्धपोत खतरनाक होते हैं, लेकिन उनसे भी ज्यादा खतरनाक वे हथियार हैं जो ऐसे जहाजों को समुद्र में समा सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह इशारा ईरान की एंटी-शिप मिसाइल क्षमताओं की ओर है।
🇮🇷 𝐈𝐑𝐀𝐍 🇮🇷
— Beau Gosse Prétentieux_Backup (@BoGossPrebackup) February 18, 2026
Même sur le compte officiel de Khamenei, une énième menace directe contre les porte-avions américains. https://t.co/koFTlR3ZEu pic.twitter.com/eXmOpVdAoJ
जिनेवा में वार्ता, मैदान में सख्ती
दिलचस्प बात यह है कि यह तल्ख बयानबाजी ऐसे समय चल रही है जब Iran और अमेरिका के बीच स्विट्जरलैंड के Geneva में परमाणु कार्यक्रम को लेकर दूसरे दौर की बातचीत हुई है। ईरान ने वार्ता को सकारात्मक बताया है, जबकि अमेरिकी नेतृत्व का कहना है कि कई अहम मुद्दों पर अब भी मतभेद बने हुए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, दोनों देश एक साथ बातचीत और सैन्य दबाव की रणनीति अपना रहे हैं। यही वजह है कि मिडिल ईस्ट एक बार फिर बड़े टकराव की आशंका के साये में आ गया है।
