ईरान में खामेनेई के घर के पास खूनी जंगः गोलियों से गूंजा सुप्रीमो मुख्यालय ! 100 MEK लड़ाके ढेर
punjabkesari.in Thursday, Feb 26, 2026 - 11:01 AM (IST)
International Desk: ईरान की राजधानी तेहरान में सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के मुख्यालय के पास सोमवार को भीषण संघर्ष हुआ। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि इस मुठभेड़ में प्रतिबंधित विपक्षी संगठन मुजाहिदीन-ए-खल्क यानि Mujahideen-e-Khalq (MEK) के कम से कम 100 लड़ाके मारे गए। यह टकराव तेहरान के बेहद सुरक्षित मोताहारी कॉम्प्लेक्स (Motahari Complex) के पास हुआ, जो देश के सबसे संरक्षित सरकारी परिसरों में से एक माना जाता है।ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार सुबह नमाज के समय MEK के लड़ाकों ने कथित रूप से परिसर में घुसपैठ की कोशिश की। इसके बाद सुरक्षा बलों और लड़ाकों के बीच कई घंटों तक गोलीबारी चली।IRGC ने इसे “विफल आतंकी साजिश” बताया।
क्या है मोताहारी कॉम्प्लेक्स?
मोताहारी कॉम्प्लेक्स Motahari Complex को ईरान की सत्ता का अहम केंद्र माना जाता है। यहां सुप्रीम लीडर का मुख्यालय होने के अलावा कई शक्तिशाली संस्थाएं स्थित हैं:
- गार्जियन काउंसिल
- असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स
- खुफिया मंत्रालय का कार्यालय
- न्यायपालिका का केंद्रीय दफ्तर
- सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल
- खामेनेई के पुत्र मोजतबा खामेनेई से जुड़े कार्यालय
इसी वजह से इस इलाके को ईरान का सबसे संवेदनशील सुरक्षा जोन माना जाता है।
दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे
IRGC का दावा: 100 MEK लड़ाके मारे गए।MEK का दावा: 100 से ज्यादा सदस्य मारे गए या गिरफ्तार हुए, लेकिन 150 से अधिक सुरक्षित लौट गए।MEK ने यह भी कहा कि वह मारे गए और गिरफ्तार लोगों के नाम अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को सौंपेगा। संगठन ने 16 गिरफ्तार सदस्यों के नाम संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत को भेजने की बात कही है।हालांकि, अभी तक किसी भी दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पूरे दिन Motahari Complex के आसपास एंबुलेंस की आवाजाही देखी गई। सुरक्षा बलों की भारी तैनाती कर दी गई है और पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। लेबनान के अखबार Al Akhbar ने इसे हाल के वर्षों में MEK द्वारा की गई सबसे खतरनाक और जटिल कार्रवाई बताया है।
बढ़ सकता आंतरिक और अंतर्राष्ट्रीय तनाव
इस घटना ने ईरान के भीतर पहले से मौजूद राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। MEK ने संकेत दिया है कि इस ऑपरेशन को कथित रूप से विदेशी खुफिया एजेंसियों का समर्थन था, हालांकि इसका कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में राजनीतिक और सुरक्षा स्तर पर इसके व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
