13 दिन बाद अमेरिकी हमले थमे; ईरान में ''शांत से बीती पहली रात'', खतरा अब भी बरकरार
punjabkesari.in Saturday, Jul 25, 2026 - 06:43 PM (IST)
International Desk: लगातार 13 दिनों तक अमेरिकी सैन्य हमलों का सामना करने के बाद ईरान में शनिवार की रात पहली बार अपेक्षाकृत शांत रही। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपौर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, "ईरान में एक शांतिपूर्ण रात रही।" हालांकि, इस राहत के बावजूद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं हुआ है और कई देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी हैं। पिछले 13 दिनों से अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) रोजाना ईरान में नए सैन्य अभियानों की जानकारी दे रहा था। लेकिन शनिवार को उसने किसी नए हमले की घोषणा नहीं की। हालांकि अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा कि उसने अपने सैन्य अभियान रोक दिए हैं। ईरान में रात शांत रहने के बावजूद पड़ोसी देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। भले ही ईरान में 13 दिनों बाद पहली शांत रात दर्ज की गई हो, लेकिन हॉर्मुज जलडमरूमध्य, लाल सागर और यमन में जारी सैन्य गतिविधियां बताती हैं कि पूरे पश्चिम एशिया में हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
सऊदी अरब के यानबू और जिजान क्षेत्रों में चेतावनी सायरन बजाए गए। बाद में अधिकारियों ने खतरा टलने की जानकारी दी। बहरीन में भी मिसाइल चेतावनी अलार्म सक्रिय किए गए, हालांकि किसी प्रकार के नुकसान या हताहत की सूचना नहीं मिली। पूरे विवाद का सबसे बड़ा केंद्र हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बना हुआ है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। रिपोर्ट के अनुसार, तीन व्यापारिक जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की थी। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। शुक्रवार को अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में एक व्यापारी जहाज को रोका, जिस पर ईरान के बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंध को तोड़ने का आरोप था।
वहीं, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इस सप्ताह लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इसके जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के हुदैदाह बंदरगाह पर जवाबी हवाई हमले किए। अमेरिका ने पश्चिम एशिया में मौजूद अपने नागरिकों को यात्रा और सुरक्षा संबंधी नई एडवाइजरी जारी की है। वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पड़ोसी देशों के नागरिकों को अमेरिकी सैन्य ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से देश में 3,400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
- इसके अलावा18 अमेरिकी सैनिकों की मौत की सूचना है।
- इजरायल में 24 नागरिकों की जान गई है।
- लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष में 4,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
- इजरायल के 38 सैनिक भी मारे गए हैं।
