US Iran Tensions : अमेरिका ने फिर किए हवाई हमले, ईरान ने कुवैत और बहरीन पर दागी मिसाइलें

punjabkesari.in Wednesday, Jul 15, 2026 - 01:48 AM (IST)

दुबई/वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव एक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के अंदर सैन्य ठिकानों पर नए सिरे से हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाने का दावा किया है।

अमेरिका की नई सैन्य कार्रवाई
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह हमले ईरान में "उभरते खतरों" को खत्म करने के लिए किए गए थे। हालांकि हमलों की संख्या सीमित बताई गई है, लेकिन यह कार्रवाई 13 जुलाई को किए गए उन बड़े हमलों के कुछ दिनों बाद ही हुई है, जिनमें अमेरिका ने ईरान के तटीय रक्षा प्रणालियों, मिसाइल और ड्रोन साइटों को निशाना बनाया था।

ईरान का पलटवार: कुवैत और बहरीन निशाने पर
ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने घोषणा की है कि उसने कुवैत और बहरीन में "दुश्मन के सैन्य बुनियादी ढांचे" पर हमले किए हैं। ईरान ने विशेष रूप से कुवैत के 'अली अल सलेम एयर बेस' पर एक ड्रोन लॉन्च रैंप को निशाना बनाने की बात स्वीकार की है और इसे अमेरिकी कार्रवाई का बदला बताया है।

कुवैत में भारी नुकसान और सैन्य क्षति
कुवैती सेना ने पुष्टि की है कि मंगलवार शाम को उनकी ओर बड़ी संख्या में मिसाइलें और ड्रोन दागे गए। कुवैत की वायु रक्षा प्रणाली ने एक बैलिस्टिक मिसाइल, 5 क्रूज मिसाइलों और 33 ड्रोनों को मार गिराया, लेकिन इनके मलबे से कई नागरिक और महत्वपूर्ण सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। इस हमले में कुवैती नौसेना के एक जहाज को भी नुकसान पहुंचा है और सशस्त्र बलों के चार सदस्य घायल हुए हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट के बादल
ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अपनी चेतावनी दोहराई है। IRGC ने स्पष्ट कहा है कि जब तक इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना मौजूद रहेगी, तब तक यहां से तेल और गैस की एक बूंद भी निर्यात नहीं होने दी जाएगी। ईरान के अनुसार, अमेरिकी "आक्रामकता" के कारण इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को खोलने में और देरी होगी।


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Pardeep

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