Vastu Rules for Kitchen : किचन में चप्पल पहनना बन सकता है दरिद्रता का कारण, जानें वास्तु के ये 5 नियम

punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2026 - 11:06 AM (IST)

Vastu Rules for Kitchen : हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में रसोई को घर का सबसे पवित्र स्थान माना गया है। इसे अन्नपूर्णा का वास कहा जाता है, जहां से पूरे परिवार की सेहत और ऊर्जा का संचार होता है। अक्सर हम अपने आधुनिक जीवन में कई ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जो हमारे घर की सुख-शांति और बरकत में बाधा बनती हैं। इन्हीं में से एक गंभीर गलती है- किचन में जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश करना। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, यह आदत न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह आर्थिक तंगी और दरिद्रता का भी कारण बन सकती है। 

Vastu Rules for Kitchen

किचन में चप्पल क्यों है वास्तु दोष ?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई घर में अग्नि देव का वास होता है और इसे मंदिर के समान पवित्र माना जाता है। जूते-चप्पल बाहर की गंदगी, कीटाणु और नकारात्मक ऊर्जा अपने साथ लाते हैं। जब हम इन्हें पहनकर रसोई में प्रवेश करते हैं, तो उस पवित्र स्थान की सकारात्मकता कम होने लगती है। भोजन को ब्रह्म माना गया है। चप्पल पहनकर भोजन पकाना या परोसना माँ अन्नपूर्णा का अनादर माना जाता है, जिससे घर में धन-धान्य की कमी होने लगती है।

सेहत पर पड़ता है बुरा असर
वैज्ञानिक और स्वच्छता के नजरिए से भी किचन में जूते-चप्पल पहनना वर्जित है। जूतों के तलवों में अनगिनत बैक्टीरिया होते हैं। रसोई की फर्श पर ये कीटाणु फैलकर खाने के जरिए हमारे शरीर में पहुंच सकते हैं, जिससे परिवार के सदस्य बार-बार बीमार पड़ सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पैरों में शनि और जूतों में राहु-केतु का वास माना जाता है। रसोई में इनका प्रवेश कलह और मानसिक तनाव बढ़ा सकता है।

Vastu Rules for Kitchen

रसोई के लिए 5 बेहद जरूरी वास्तु नियम
यदि आप अपने घर में खुशहाली और बरकत बनाए रखना चाहते हैं, तो रसोई से जुड़े इन 5 नियमों का पालन अवश्य करें।

चप्पल रहित रसोई
रसोई की दहलीज पर ही जूते-चप्पल उतारने की आदत डालें। यदि फर्श ठंडा होने के कारण चप्पल पहनना जरूरी हो, तो केवल रसोई के लिए अलग से 'लकड़ी' या 'साफ कपड़े' की चप्पलें रखें जिन्हें बाहर कभी न पहना गया हो।

चूल्हे की सही दिशा 
गैस का चूल्हा हमेशा आग्नेय कोण में होना चाहिए। खाना बनाते समय गृहिणी का मुख पूर्व दिशा की ओर होना सबसे शुभ माना जाता है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और भोजन सात्विक बनता है।

पानी और आग की दूरी
वास्तु के अनुसार, अग्नि और जल एक-दूसरे के शत्रु हैं। इसलिए, सिंक और चूल्हा कभी भी एक-दूसरे के बिल्कुल पास नहीं होने चाहिए। इनके बीच कम से कम 2-3 फीट की दूरी होनी अनिवार्य है।

रात की सफाई है अनिवार्य 
रसोई में कभी भी रात के समय जूठे बर्तन नहीं छोड़ने चाहिए। यह सबसे बड़ा वास्तु दोष है जो कर्ज और बीमारी को न्योता देता है। सोने से पहले किचन की प्लेटफॉर्म को साफ करें और बर्तनों को धोकर ही सोएं।

टूटे बर्तन और कबाड़ से दूरी 
किचन में कभी भी चटके हुए कांच के बर्तन या टूटी हुई क्रॉकरी न रखें। साथ ही, रसोई में झाड़ू या डस्टबिन को ऐसी जगह रखें जहां वो सीधे नजर न आएं। रसोई को कबाड़ से मुक्त रखने से माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

Vastu Rules for Kitchen

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Content Editor

Sarita Thapa

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