Vastu For Bangles : खनकती चूड़ियों में छिपा है पति की तरक्की का राज, विवाहित महिलाओं अखंड सौभाग्य के लिए जरूर अपनाएं ये वास्तु नियम

punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 05:15 PM (IST)

Vastu For Bangles : भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में एक विवाहित महिला का श्रृंगार केवल सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उसके परिवार की सुख-समृद्धि और पति के सौभाग्य से भी गहराई से जुड़ा होता है। सोलह श्रृंगार में चूड़ियों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। कलाई में खनकती ये चूड़ियां न केवल सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं, बल्कि वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इनका सीधा प्रभाव वैवाहिक जीवन की खुशहाली पर पड़ता है। अक्सर अनजाने में महिलाएं चूड़ियों से जुड़ी कुछ ऐसी गलतियां कर देती हैं, जो घर की शांति और पति की उन्नति में बाधा बन सकती हैं। तो आइए जानते हैं चूड़ियों से जुड़े उस वास्तु निमयों के बारे में, जिनका पालन करने से न केवल सुहाग की आयु लंबी होती है, बल्कि घर में लक्ष्मी का स्थायी वास भी होता है।

Vastu For Bangles

कांच की चूड़ियों का वैज्ञानिक और वास्तु महत्व
वास्तु के अनुसार, विवाहित महिलाओं के लिए कांच की चूड़ियां पहनना सबसे शुभ होता है। कांच की चूड़ियों के आपस में टकराने से जो ध्वनि पैदा होती है, वह घर की नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करती है। यह खनक वातावरण में पवित्रता लाती है और पति-पत्नी के बीच तनाव को कम करने में सहायक होती है।

रंगों का भाग्य से सीधा संबंध
लाल रंग: लाल रंग शक्ति और प्रेम का प्रतीक है, जो वैवाहिक जीवन में ऊर्जा भरता है।

हरा रंग: यह बुध ग्रह से संबंधित है। हरा रंग पहनने से पति के व्यापार और करियर में वृद्धि होती है और घर में हरियाली बनी रहती है।

किस रंग की चूड़ियों को पहननने से बचें: विवाहित महिलाओं को काले या बहुत गहरे नीले रंग की चूड़ियां पहनने से बचना चाहिए, क्योंकि ये रंग राहु-शनि के प्रभाव को बढ़ा सकते हैं, जिससे मानसिक तनाव पैदा होता है।

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टूटी या चटकती हुई चूड़ियां हैं वास्तु दोष
वास्तु के अनुसार, कभी भी दरार वाली या चटक गई चूड़ी कलाई में नहीं रखनी चाहिए। ऐसी चूड़ियां नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं और घर में दरिद्रता ला सकती हैं। यदि चूड़ी चटक जाए, तो इसे तुरंत उतारकर जल में प्रवाहित कर दें या किसी सुरक्षित स्थान पर रखें। इसे पहने रहना पति के स्वास्थ्य और कार्यों में बाधा का कारण बन सकता है।

चूड़ियां पहनने की संख्या और तरीका
वास्तु और शास्त्रों के अनुसार, सुहागिन महिलाओं को कभी भी अपनी दोनों कलाइयों को पूरी तरह खाली नहीं रखना चाहिए। चूड़ियां बदलते समय भी एक हाथ में कम से कम एक चूड़ी या मौली जरूर बंधी होनी चाहिए। इसके अलावा, बाएं हाथ के मुकाबले दाएं हाथ में थोड़ी ज्यादा चूड़ियां पहनना सौभाग्य को बढ़ाने वाला माना जाता है।

उपहार में मिली चूड़ियों का सम्मान
यदि आपको अपनी सास, मां या किसी सौभाग्यवती स्त्री से उपहार में चूड़ियां मिलती हैं, तो उन्हें आशीर्वाद समझकर अवश्य पहनें। वास्तु के अनुसार, बड़ों से मिली सुहाग की सामग्री सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है और घर में लक्ष्मी के आगमन का मार्ग प्रशस्त करती है।

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Content Editor

Sarita Thapa

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