वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा: फ्लैट सिस्टम और आधुनिक वास्तु, क्या पूजा घर के ऊपर टॉयलेट होना वाकई कोई दोष है या सिर्फ एक पुरानी भ्रांति?
punjabkesari.in Tuesday, Sep 15, 2026 - 12:50 PM (IST)
Puja Room Vastu Logic: पारंपरिक वास्तु शास्त्र में पूजा घर के ऊपर या नीचे टॉयलेट बनाने को वर्जित माना गया है लेकिन, आधुनिक वास्तुकला और परिवर्तित जीवनशैली के संदर्भ में, हमें इसे तार्किकता की कसौटी पर परखना आवश्यक है। मेरे अनुभव के आधार पर पूजा रूम के ऊपर या नीचे टॉयलेट होने से कोई वास्तुदोष नहीं आता है क्योंकि-

पुराने समय में ऐसे टाॅयलेट होते थे, जिसका उपयोग पूरा परिवार करता था और दिन में एक बार ही उस कमोड की सफाई होती थी, ह्यूमन वेस्ट दिन भर वहां पड़ा रहता था लेकिन आज के आधुनिक टॉयलेट्स फ्लश प्रणाली पर आधारित हैं। आज की तकनीक वेस्ट को तुरंत विसर्जित कर देती है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा का संचय न के बराबर होता है। सामान्यतः इतना ह्यूमन वेस्ट हम शरीर के अंदर रखकर पूजा भी तो करते ही हैं।

मंदिर और धार्मिक स्थलों के अंदर होने वाले कार्यक्रमों में कई बार छोटे बच्चे कार्यक्रम के दौरान मलमूत्र त्याग देते हैं। लम्बी पूजा के दौरान कई बार व्यक्ति गैस पास भी करता है। इसी तरह की विभिन्न मानवीय गतिविधियां मंदिर में भी होती हैं, लेकिन वे स्थान अपनी पवित्रता नहीं खोते।
इसी के साथ मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में फ्लैट्स और टावर्स में हमारे पूजास्थल के ऊपर या नीचे वाले फ्लोर पर क्या बना हुआ है, इसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं होती और न ही उसके लेआउट को बदलने का हमारे पास कोई नियंत्रण होता है।
वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा
thenebula2001@gmail.com

