Morari Bapu Life Journey : रामचरितमानस के अनन्य साधक हैं मोरारी बापू, जानें उनके जीवन से जुड़ी खास बातें
punjabkesari.in Saturday, Oct 10, 2026 - 03:57 PM (IST)
Morari Bapu Life Journey : पूज्य मोरारी बापू का जन्म वर्ष 1946 में महाशिवरात्रि के दिन हुआ था। वे पिछले 65 वर्षों से अधिक समय से राम कथा का वाचन कर रहे हैं। उन्होंने मात्र 14 वर्ष की आयु में गुजरात के एक गांव में वृक्ष के नीचे राम कथा के माध्यम से अपनी आध्यात्मिक यात्रा प्रारंभ की थी। उन्हें रामचरितमानस की दीक्षा उनके दादा एवं गुरु त्रिभुवनदास जी से मिली।

वैदिक सनातन धर्म, जिसे सामान्यतः हिंदू सनातन धर्म के रूप में जाना जाता है, से प्रेरणा लेते हुए बापू की राम कथाएं विश्व शांति, सत्य, प्रेम और करुणा जैसे सार्वभौमिक मूल्यों पर केंद्रित रहती हैं। उनकी कथाओं में देश और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों, जातियों और समुदायों के लोग सम्मिलित होते हैं। पिछले कई दशकों में मोरारी बापू ने भारत तथा दुनिया के अनेक शहरों और तीर्थस्थलों में 950 से अधिक राम कथाएं की हैं। इनमें श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, केन्या, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, इजरायल और जापान जैसे देश भी शामिल हैं, जहां उनकी कथाओं में लाखों लोग जुड़े हैं।
हाल ही में उन्होंने भारत के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में ट्रेन के माध्यम से यात्रा करते हुए राम कथाओं का आयोजन किया। इसके अलावा उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय और हार्वर्ड में भी विशेष राम कथाओं का आयोजन किया है। उन्होंने विश्व भ्रमण के दौरान एक जहाज और विमान में भी राम कथा का आयोजन किया। पारंपरिक स्थलों से आगे बढ़कर बापू ने समाज के वंचित और हाशिए पर रहने वाले वर्गों के बीच भी राम कथाएं की हैं, जिनमें सेक्स वर्कर्स और ट्रांसजेंडर समुदाय शामिल हैं। वे दुनिया के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय सहायता के कार्यों से भी जुड़े रहे हैं, जिनमें युद्ध प्रभावित यूक्रेन और इजरायल भी शामिल हैं।

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