Maha Shivaratri 2021: शुभ योग में आएगी महाशिवरात्रि, ये है जरुरी जानकारी

punjabkesari.in Thursday, Jan 21, 2021 - 05:37 AM (IST)

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Maha Shivratri 2021 Date, Time and Significance: महाशिवरात्रि हिन्दुओं के सबसे बड़े पर्वों में से एक है। शिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन का एक महान पर्व है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था इसलिए भक्तगण महा शिवरात्रि को गौरी-शंकर की शादी की सालगिरह के रूप में मनाते हैं। महाशिवरात्रि को अत्यन्त महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है। इस दिन शिवभक्त मंदिरों में शिवलिंग पर बेलपत्र आदि चढ़ाकर पूजा, व्रत तथा रात्रि-जागरण करते हैं।

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When is Maha Shivaratri 2021: इस बार 11 मार्च, बृहस्पतिवार यानी गुरुवार के दिन महाशिवरात्रि बहुत ही शुभ मुहूर्त में पड़ रही है। इस दिन कुंभ राशि में चंद्रमा, सूर्य, शुक्र, बुध ग्रह का संचरण होगा। घनिष्ठा नक्षत्र के कारण इस दिन का महत्व और भी  बढ़ रहा है। इस रात को ग्रहों की स्थिति कुछ ऐसी होती है कि मानव तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह प्राकृतिक रूप से ऊपर की ओर होता है। अतः योगी, साधक, भक्त शरीर को सीधी स्थिति में रखते हैं और सारी रात सोते नहीं हैं।

Mahashivratri Puja Muhurat : शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार शिवरात्रि का पूजन ‘निशिथ काल’ में करना सर्वश्रेष्ठ रहता है। हालांकि भक्त रात्रि के चारों प्रहरों में से अपनी सुविधानुसार यह पूजन कर सकते हैं। रात्रि का आठवां मुहूर्त निशिथ काल कहलाता है। इस बार 11 मार्च 2021 को महाशिवरात्रि का निशिथ काल पूजा मुहूर्त रात 12:06 41 सेकंड से 12:55 14 सेकंड तक है।  यानि कुल 48 मिनट का निशीथ काल पूजा मुहूर्त है। जबकि महाशिवरात्री पारणा मुहूर्त  06:36:06 से 12, मार्च को 3 बजकर 4 मिन्ट 32 सेकंड तक है।

PunjabKesari Maha ShivaratriWhat is Mahashivratri 2021: वैसे तो हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन शिवरात्रि आती है, लेकिन फाल्‍गुन मास की कृष्‍ण चतुर्दशी के दिन आने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। माना जाता है कि सृष्टि का प्रारंभ इसी दिन से हुआ था।

What is the significance of Maha Shivratri: हिन्दू धर्म में तीन देवताओं- ब्रह्मा, विष्णु और महेश को इस सृष्टि की रचना एवं विनाश अर्थात संचालन के लिए उत्तरदायी माना जाता है। इन तीनों ही देवताओं को एक साथ त्रिदेव की उपाधि दी गयी है। शंकर या महादेव सबसे महत्वपूर्ण देवताओं में से एक हैं। इन्हें देवों के देव महादेव भी कहते हैं। इन्हें भोलेनाथ, शंकर, महेश, नीलकंठ आदि नामों से भी जाना जाता है। तंत्र साधना में इन्हे भैरव के नाम से भी जाना जाता है। वेद में इनका नाम रुद्र है। इनकी अर्धांगिनी का नाम पार्वती है। इनके पुत्र कार्तिकेय और गणेश हैं तथा पुत्री अशोक सुंदरी हैं।

Lord Shiva Information: शंकर जी को संहार का देवता कहा जाता है। शंकर जी सौम्य एवं रौद्र रूप दोनों के लिए विख्यात हैं। शिव का अर्थ यद्यपि कल्याणकारी माना गया है लेकिन वे हमेशा लय एवं प्रलय दोनों को अपने अधीन किए हुए हैं। रावण, शनि, कश्यप ऋषि आदि इनके भक्त हुए हैं। भगवान शिव,  मनुष्य, राक्षस, देवता सभी को समान दृष्टि से देखते हैं इसलिए उन्हें महादेव कहा जाता है।
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Where is Maha Shivratri Celebrated: महाशिवरात्रि व्रत काल के दौरान मिट्टी के लोटे में पानी या दूध भरकर, ऊपर से बेलपत्र, आक-धतूरे के फूल, चावल आदि डालकर ‘शिवलिंग’ पर चढ़ाना चाहिए। अगर आस-पास कोई शिव मंदिर नहीं है, तो घर में ही मिट्टी का शिवलिंग बनाकर उनका पूजन किया जाना चाहिए। साथ ही  शिव पुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र या शिव के पंचाक्षर मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप इस दिन करना चाहिए। महाशिवरात्री के दिन रात्रि जागरण का भी विधान है।

Happy Maha Shivratri 2021: इस बार महाशिवरात्रि का पर्व बहुत ही शुभ योग में आ रहा है लिहाजा सभी राशियों पर महादेव की कृपा बरसेगी। कुंभ राशि में चंद्रमा, सूर्य, शुक्र, बुध ग्रह का संचरण होने व घनिष्ठा नक्षत्र के कारण इस दिन का महत्व और भी बढ़ रहा है।

गुरमीत बेदी  
gurmitbedi@gmail.com

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