Holika Dahan 2026: होलिका दहन की रात अपनाएं ये असरदार उपाय, भय और कर्ज से मिलेगी राहत
punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 09:04 AM (IST)
Holika Dahan Upay 2026: फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाने वाला होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस पावन रात्रि में किए गए विशेष उपाय व्यक्ति को भय, कर्ज, नजर दोष और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति दिला सकते हैं। साल 2026 में होलिका दहन 3 मार्च को किया जाएगा। इस वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च 2026 को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगी और इसका समापन 3 मार्च 2026 को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर होगा।
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 3 मार्च को शाम 6 बजकर 22 मिनट से रात 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन का सही मुहूर्त अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं होलिका दहन की रात किए जाने वाले कुछ प्रमुख उपायों के बारे में।

आर्थिक समृद्धि के लिए उपाय
होलिका दहन के दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे देसी घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। दीपक जलाने के बाद पीपल वृक्ष की सात बार परिक्रमा करें। रात्रि में माता लक्ष्मी को केसर युक्त खीर का भोग लगाएं। मान्यता है कि इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।

भय और कर्ज से मुक्ति के लिए
होलिका दहन के दिन भगवान हनुमान को पान का बीड़ा अर्पित करना लाभकारी माना जाता है। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से कर्ज से राहत मिलती है और मानसिक भय दूर होता है।
व्यापार में वृद्धि के लिए
यदि व्यापार में बाधाएं आ रही हों या अपेक्षित लाभ न मिल रहा हो, तो होलिका दहन की रात दुकान या कार्यस्थल की नजर उतारने का उपाय किया जाता है। नजर उतारने के बाद उस सामग्री को होलिका की अग्नि में अर्पित कर दें। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और व्यापार में वृद्धि के योग बनते हैं।

नजर दोष दूर करने के लिए
यदि परिवार के किसी सदस्य को नजर लगने की आशंका हो, तो होलिका दहन की अग्नि में पान, सुपारी और नारियल अर्पित करें।
यदि कोई बीमार हो, तो नारियल को होलिका की अग्नि में भूनकर उसके सिर से सात बार उतारकर अग्नि में समर्पित करें। ऐसा करने से नजर दोष और नकारात्मक प्रभाव दूर होने की मान्यता है।
करियर में तरक्की के लिए
यदि नौकरी या करियर में बाधा आ रही हो, तो होलिका दहन के बाद बची हुई राख को घर लाएं। राख में रुई मिलाकर बत्ती बनाएं। उसे जलाकर पूजा करें। मान्यता है कि इससे कार्यों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और करियर में प्रगति के अवसर बढ़ते हैं।

धार्मिक महत्व
होलिका दहन को छोटी होली या होलिका दीपक भी कहा जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद की कथा से जुड़ा है। इस दिन की गई पूजा और उपायों को विशेष फलदायी माना जाता है, लेकिन धार्मिक आस्थाओं से जुड़े इन उपायों को श्रद्धा और विधि-विधान के साथ करना ही शुभ माना गया है।
होलिका दहन की रात आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन किए गए पारंपरिक उपाय जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आर्थिक स्थिरता और मानसिक शांति लाने में सहायक माने जाते हैं। हालांकि, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले विद्वान ज्योतिषाचार्य या धार्मिक गुरु से सलाह लेना उचित रहता है।

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