Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर करें ये अचूक उपाय, दूर होगा मांगलिक दोष और मिलेगा बजरंगबली का आशीर्वाद
punjabkesari.in Thursday, Apr 02, 2026 - 08:27 AM (IST)
Hanuman Jayanti Mangal Dosh Upay: हिंदू धर्म में चैत्र मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन हनुमान जयंती या हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। वर्ष 2026 में हनुमान जयंती का पर्व 02 अप्रैल, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन विधि-विधान से बजरंगबली की पूजा-अर्चना करने से जीवन के सभी भय, कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन किए गए विशेष उपाय मांगलिक दोष को शांत करने में भी बेहद प्रभावी माने जाते हैं।

हनुमान जयंती पर करें ये विशेष उपाय
सिंदूरी चोला चढ़ाएं
हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी को चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह उपाय मंगल दोष को शांत करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है।

सुंदरकांड का पाठ करें
इस दिन सुंदरकांड का पाठ करने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। यह उपाय मानसिक शांति और साहस प्रदान करता है।

राम नाम का जाप करें
हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए ‘राम-राम’ का 108 बार जाप करें। मान्यता है कि जहां श्रीराम का नाम लिया जाता है, वहां हनुमान जी स्वतः उपस्थित होते हैं।
लड्डू और फूल का भोग लगाएं
हनुमान जी को लाल गुलाब के फूल और बूंदी या बेसन के लड्डू अर्पित करें। इससे मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और शुभ फल मिलने लगते हैं।

बजरंग बाण का पाठ करें
हनुमान जयंती के दिन बजरंग बाण का पाठ करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में स्थिरता आती है।
दान करें गुड़ और मसूर दाल
बंदरों को गुड़-चना खिलाएं या जरूरतमंदों को लाल मसूर की दाल और गुड़ का दान करें। इससे ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।

हनुमान चालीसा का पाठ करें
इस दिन मंदिर में या घर पर श्रद्धा से हनुमान चालीसा का पाठ करें। सामूहिक रूप से पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।
हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व
हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक माना जाता है। उन्हें ‘संकटमोचन’ कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों के सभी संकटों को दूर करते हैं।
हनुमान जयंती के दिन उनकी पूजा करने से शनि दोष, मांगलिक दोष, भय, रोग, कर्ज और शत्रु बाधाओं से मुक्ति मिलती है। यह दिन आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का उत्तम अवसर है।
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