Jagannath Temple Puri : जगन्नाथ मंदिर के गुंबद पर बैठा बाज दे रहा है कौन सा बड़ा संकेत ? जानें पुराने शास्त्रों का मत
punjabkesari.in Friday, Mar 06, 2026 - 08:59 AM (IST)
Jagannath Temple Puri News : ओडिशा के पुरी स्थित विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर को रहस्यों और चमत्कारों की भूमि माना जाता है। महाप्रभु जगन्नाथ के मंदिर में होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि का अपना एक विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है। हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि देश भर के भक्तों को चिंता और आश्चर्य में डाल दिया है। मंदिर के सबसे ऊंचे शिखर, जहां सुदर्शन चक्र और पवित्र ध्वज स्थापित हैं, वहां एक विशाल बाज को बैठा देखा गया।
क्यों मची है खलबली ?
हिंदू धर्म और जगन्नाथ मंदिर की परंपराओं में मंदिर के शिखर पर किसी शिकारी पक्षी, विशेषकर बाज या गिद्ध का बैठना असामान्य माना जाता है। मंदिर के शिखर पर लगे नील चक्र के बारे में कहा जाता है कि उसके ऊपर से कोई पक्षी नहीं उड़ता। ऐसे में बाज का वहां बैठना एक दुर्लभ और चौंकाने वाली घटना है।
कई पुराने जानकार और ज्योतिषी इसे आने वाले किसी प्राकृतिक संकट या किसी बड़ी अनहोनी के संकेत के रूप में देख रहे हैं। इतिहास में जब भी ऐसी दुर्लभ घटनाएं हुई हैं, उन्हें किसी बड़े बदलाव से जोड़कर देखा गया है। जहां एक वर्ग इसे भय की दृष्टि से देख रहा है, वहीं भक्तों का एक दूसरा समूह इसे सकारात्मक मान रहा है। उनका कहना है कि यह साक्षात गरुड़ देव हैं, जो स्वयं मंदिर की रक्षा के लिए पहरा देने आए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि तेज हवाओं के बीच वह पक्षी ध्वज के पास काफी देर तक शांत बैठा रहा। जगन्नाथ प्रेमी इसे महाप्रभु की लीला मान रहे हैं और मंदिर की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
मंदिर प्रशासन और पुजारियों का मत
मंदिर के कुछ वरिष्ठ पुजारियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जगन्नाथ संस्कृति में ध्वज का गिरना या उस पर किसी मांसाहारी पक्षी का बैठना अशुभ माना जाता है, जिसके लिए विशेष 'शांति पूजा' या शुद्धिकरण के विधान भी किए जाते हैं।
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
