पर्यावरण का संदेश धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए : हाईकोर्ट

punjabkesari.in Wednesday, Nov 04, 2026 - 09:10 AM (IST)

मुम्बई (एजैंसी) : अभिनेत्री दिया मिर्जा के दिवाली पर पटाखे नहीं जलाने की अपील वाले वीडियो को लेकर हुए विवाद पर मुम्बई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को गहरी नाराजगी जताई। अदालत ने बृहन्मुम्बई महानगरपालिका (बीएमसी) को निर्देश दिया कि वह अभिनेत्री का हटाया गया वीडियो दोबारा सोशल मीडिया पर अपलोड करे।

न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने कहा कि पर्यावरण और वायु प्रदूषण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए बनाए गए वीडियो को अनावश्यक रूप से विवाद का विषय बना दिया गया। अदालत ने कहा कि धर्म, जाति और समुदाय से ऊपर उठकर पर्यावरण की चिंता करना जरूरी है। हर व्यक्ति एक ही हवा में सांस लेता है।

दरअसल, बीएमसी ने मुम्बई में बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण को देखते हुए पर्यावरण अनुकूल और पटाखा मुक्त दिवाली मनाने का अभियान शुरू किया था। इसमें दिया मिर्जा के अलावा माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे जैसी हस्तियों को शामिल किया गया था।  इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए अदालत ने कहा कि किसी हस्ती को जागरूकता अभियान में शामिल करने के बीएमसी आयुक्त के फैसले पर सवाल उठाना उचित नहीं है। 

पीठ ने कहा कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों से ऐसी टिप्पणियों की अपेक्षा नहीं की जाती। मुम्बई जैसे शहर की पहचान सामाजिक एकजुटता और आपसी सम्मान से है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पटाखों पर रोक से संबंधित उसके आदेश किसी एक त्योहार के लिए नहीं, बल्कि पूरे साल के लिए हैं। इसलिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Niyati Bhandari

Related News