देवशयनी एकादशी पर श्रीहरि को लगाएं ये दिव्य भोग, चातुर्मास में मिलेगी विशेष कृपा

punjabkesari.in Sunday, Jul 26, 2026 - 08:16 AM (IST)

Devshayani Ekadashi Bhog : हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी को बहुत ही महत्वपूर्म और पवित्र तिथि मानी जाती है। यह दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए क्षीर सागर में योग निद्रा में चले जाते हैं। इस चार महीने की अवधि को ही चातुर्मास कहा जाता है। माना जाता है कि  इन चार महीनों में भगवान विष्णु भले ही शयन काल में हों, लेकिन उनकी सूक्ष्म कृपा अपने भक्तों पर हमेशा बनी रहती है। चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु को प्रसन्न करने और उनका विशेष आशीर्वाद पाने के लिए देवशयनी एकादशी के दिन उन्हें उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि विष्णु जी की कृपा पाने के लिए उन्हें कौन सी चीजों का भोग लगाएं। 

Devshayani Ekadashi Bhog

तुलसी दल 
भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का स्थान सबसे ऊपर है। शास्त्रों के अनुसार, श्रीहरि तब तक कोई भी भोग स्वीकार नहीं करते, जब तक उसमें तुलसी का पत्ता न रखा जाए। देवशयनी एकादशी पर आप भगवान को जो भी प्रसाद अर्पित करें, उसमें तुलसी दल जरूर शामिल करें। माना जाता है कि तुलसी दल विष्णु जी को अर्पित करने से घर में सुख-शांति आती है और माता लक्ष्मी का वास होता है।

केसरिया खीर का भोग
भगवान विष्णु को दूध और सफेद-पीली चीजों से बनी मिठाइयां बेहद प्रिय हैं। इस दिन गाय के शुद्ध दूध में केसर, मखाने या साबूदाना डालकर बनाई गई खीर का भोग लगाएं। इस दिन केसरिया खीर का भोग लगाने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और मानसिक शांति मिलती है।

Devshayani Ekadashi Bhog

पीले फल
श्रीहरि को पीतांबरधारी भी कहा जाता है क्योंकि उन्हें पीला रंग अत्यधिक प्रिय है। देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु को पके हुए केले, आम या पपीता जैसे पीले फल अर्पित करें। पीले फल श्री हरि को अर्पित करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे ज्ञान और सफलता की प्राप्ति होती है।

बेसन के लड्डू या पेड़े
देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को शुद्ध देसी घी में बने बेसन के लड्डू या केसरिया पेड़े का भोग लगाना  बहुत शुभ माना जाता है। पीला रंग और घी की सुगंध भगवान विष्णु को तुरंत प्रसन्न करती है। बेसन के लड्डू या पेड़े का भोग लगाने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और खुशहाली आती है।

पंचामृत और मिश्री-माखन
देवशयनी एकादशी के दिन दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल को मिलाकर बनाया गया पंचामृत श्रीहरि के अभिषेक और भोग दोनों के लिए अनिवार्य माना जाता है। इसके साथ ही आप मिश्री और ताजा माखन का भोग भी लगा सकते हैं।

Devshayani Ekadashi Bhog

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Content Editor

Sarita Thapa

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