Balcony Mandir Vastu: क्या बालकनी में मंदिर रखना है सही? घर में सुख-समृद्धि के लिए जरूर जान लें ये जरूरी नियम
punjabkesari.in Friday, May 01, 2026 - 10:54 AM (IST)
Balcony Mandir Vastu: आधुनिक समय में जगह की कमी के कारण लोग अक्सर घर की सजावट और आध्यात्मिक शांति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं। घर बनवाते समय सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि मंदिर कहां स्थापित किया जाए, क्योंकि आध्यात्मिक दृष्टि से इसका स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में कई लोग बालकनी को मंदिर के लिए चुनते हैं, लेकिन क्या वास्तु शास्त्र इसकी अनुमति देता है? आइए जानते हैं-

मंदिर वह पवित्र स्थान है, जिसकी सकारात्मक ऊर्जा से पूरा घर महक उठता है। ऐसे में घर के बाहरी स्थान पर मंदिर बनाना उचित नहीं है। खुला स्थान होने के कारण यहां धूल, प्रदूषण और पक्षियों की गंदगी फैली रहती है। नियमित रुप से यहां सफाई करना मुश्किल है। पूजा करने में भी कठिनाई होती है। बाहर से आ रही आवाजें आत्मा और परमात्मा का मिलन नहीं होने देती। एकाग्रता की कमी रहती है। चाहकर भी ध्यान पूजा-पाठ में मन नहीं लगता।
वास्तु जानकारों की मानें तो कुछ चीजों को वहां रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है और खुशियों का माहौल बना रहता है। इसका ये मतलब कदापि नहीं है की आप बालकनी में मंदिर बनाएं।
उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर लकड़ी या संगमरमर का छोटा सा सुंदर मंदिर भी लटका सकते हैं। इससे न केवल जगह बचेगी, बल्कि घर की सुंदरता और सकारात्मकता भी बढ़ेगी।

उत्तर दिशा को कुबेर देव की दशा माना जाता है। ऐसे में बालकनी में उत्तर दिशा की तरफ मनी प्लांट का पौधा लगाना चाहिए, इससे धन लाभ के योग बनते हैं। साथ ही साथ घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
बालकनी के दरवाज़े के पास लाफिंग बुद्धा रखना शुभ होता है, इससे परिवार की आय में वृद्धि की होती है।
ज्योतिष व वास्तु के अनुसार तांबे की धातु को सूर्य तथा मंगल ग्रह से संबंधित माना गया है। अतः बालकनी की पूर्व दिशा में तांबे का सूरज लगाने से न केवल आर्थिक कष्टों से मुक्ति मिलती है बल्कि घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक ऊर्जा का भी नाश होता है।
इसके अतिरिक्त हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत पूजनीय माना गया है। बालकनी में तुलसी का पौधा लगाना बेहद लाभदायक है। पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा रखने से वास्तु दोष खत्म होते हैं।

बालकनी के अतिरिक्त अन्य किसी स्थान पर मंदिर न बना सकें तो ध्यान रखें ये वास्तु नियम
सही दिशा: मंदिर के लिए उत्तर-पूर्व कोना (ईशान कोण) सबसे शुभ माना जाता है।
सुरक्षा कवच: मंदिर का धूल और बारिश से बचाव चाहते हैं तो कांच या लकड़ी के दरवाजे लगवाएं।
जूते-चप्पल से दूरी: बालकनी में मंदिर के पास जूते-चप्पल न लेकर जाएं।
पौधों का साथ: मंदिर के पास ताजे फूल या क्यारियां लगाएं।
ध्यान रखें: मंदिर के ऊपर या नीचे शौचालय नहीं होना चाहिए और यह सीधे बेडरूम की दीवार से न जुड़ा हो।

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