Gold-Silver Dropped: युद्ध और महंगाई के बीच भी क्यों गिर रहा सोना? 12 दिन में गोल्ड 12,000 और सिल्वर 43,000 रुपए टूटा
punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 11:47 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः हाल के दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। दिलचस्प बात यह है कि वैश्विक स्तर पर युद्ध जैसे हालात, शेयर बाजारों में भारी गिरावट, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई चेन में बाधा जैसी स्थितियों के बावजूद सोने में तेजी नहीं आ रही है। आमतौर पर ऐसे समय में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी कीमत बढ़ती है लेकिन इस बार बाजार का रुख अलग दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इक्विटी बाजारों में आई भारी गिरावट के कारण कई निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई और नकदी की जरूरत को पूरा करने के लिए निवेशक सोने में मुनाफावसूली कर रहे हैं। यही वजह है कि सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है और लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
12 दिनों में 12,000 रुपए से ज्यादा टूटा सोना
कमोडिटी एक्सचेंज Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर 2 मार्च को सोने का वायदा भाव कारोबारी सत्र के दौरान करीब 1,69,880 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। वहीं 13 मार्च को यह गिरकर 1,57,540 रुपए प्रति 10 ग्राम तक आ गया। इस तरह महज 12 दिनों में सोने की कीमत में करीब 12,340 रुपए प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई।
चांदी में भी बड़ी गिरावट
चांदी की कीमतों में भी इसी अवधि में तेज गिरावट देखने को मिली है। MCX पर 2 मार्च को चांदी का वायदा भाव 2,97,799 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गया था। वहीं 13 मार्च को यह घटकर करीब 2,54,474 रुपए प्रति किलोग्राम रह गया। यानी लगभग 12 दिनों में चांदी की कीमत में करीब 43,325 रुपए प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक बाजार में भी दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी शुक्रवार को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। COMEX पर सोना करीब 1.25% गिरकर 5,061 डॉलर प्रति औंस के आसपास बंद हुआ, जबकि स्पॉट गोल्ड भी गिरावट के साथ करीब 5,019 डॉलर प्रति औंस पर रहा।
वहीं चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। COMEX पर चांदी करीब 4.4% टूटकर 81 डॉलर प्रति औंस के आसपास बंद हुई, जबकि स्पॉट सिल्वर भी गिरावट के साथ करीब 80 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करती दिखी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशकों की नकदी जरूरत और मुनाफावसूली के कारण सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहने पर आगे चलकर इनकी कीमतों में फिर से तेजी आ सकती है।
