Why Gold-Silver Hike: मेटल्स मार्केट में जबरदस्त हलचल, चांदी ने रचा इतिहास, कीमतों में तेजी के ये हैं 3 बड़े कारण
punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 12:00 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः चांदी ने इतिहास रच दिया है। पहली बार स्पॉट सिल्वर 90 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गई है। बुधवार की ट्रेडिंग में चांदी 5.3% उछलकर 91.55 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जिससे पूरे ग्लोबल प्रेशियस मेटल्स मार्केट में जबरदस्त हलचल मच गई है। सोना भी अब अपने ऑल-टाइम हाई से सिर्फ 10 डॉलर दूर है और किसी भी वक्त नया रिकॉर्ड बना सकता है।
क्यों दौड़ रहे हैं सोना-चांदी?
1. फेडरल रिजर्व पर दबाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व और इसके चेयरमैन जेरोम पॉवेल पर बढ़ते राजनीतिक हमले और यहां तक कि क्रिमिनल इंडिक्टमेंट की चर्चाओं ने सेंट्रल बैंक की स्वतंत्रता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इससे निवेशकों का भरोसा सुरक्षित एसेट्स की ओर तेजी से शिफ्ट हुआ है।
2. रेट कट की उम्मीद
दिसंबर का अमेरिकी महंगाई डेटा उम्मीद से कमजोर रहा। इकोनॉमिस्ट्स मानते हैं कि सरकारी शटडाउन की वजह से आंकड़े दबे हुए दिखे हैं। भले ही फेड कुछ समय के लिए रेट कट रोके, लेकिन बाजार अभी भी साल में दो और कट की उम्मीद लगाए बैठा है।
3. बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव
डोनाल्ड ट्रंप के विवादित बयान, वेनेजुएला और ग्रीनलैंड से जुड़े दावे, और ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन—इन सबने ग्लोबल अनिश्चितता बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में निवेशक परंपरागत रूप से सोना और चांदी को सुरक्षित ठिकाना मानते हैं।
भारत में चांदी के दाम
ग्लोबल रैली का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिख रहा है। 14 जनवरी 2026 को देश के अलग-अलग शहरों में चांदी के दाम ₹2,75,000 से ₹2,92,100 प्रति किलो के बीच रहे। MCX पर चांदी का फ्यूचर्स प्राइस करीब ₹2,84,800 प्रति किलो चल रहा है।
आगे कितना जा सकता है भाव?
ब्रोकरेज और एक्सपर्ट्स भी अब बेहद बुलिश नजर आ रहे हैं—
सिटीग्रुप ने 3 महीने के टारगेट में
- गोल्ड: $5,000 प्रति औंस
- सिल्वर: $100 प्रति औंस का अनुमान दिया है
लोटस एसेट मैनेजमेंट के CIO हाओ होंग का मानना है कि यह रैली अभी शुरुआत है और 2026 के अंत तक चांदी 150 डॉलर प्रति औंस तक भी जा सकती है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
हालांकि 2026 में डिमांड मजबूत रहने की उम्मीद है लेकिन कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि 2025 जैसी ऐतिहासिक रैली दोहराना आसान नहीं होगा। इनवेस्को के डेविड चाओ का कहना है कि बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के चलते इस साल सोना, चांदी से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
