Gold-Silver ट्रेडिंग में बदलाव, बाजार में बढ़ सकती है हलचल
punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 04:40 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः गोल्ड और सिल्वर में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए अहम बदलाव हुआ है। Shanghai Gold Exchange ने गोल्ड और सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट्स में मार्जिन रिक्वायरमेंट और डेली प्राइस लिमिट घटाने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि इस कदम से ट्रेडिंग कॉस्ट कम होगी, बाजार में भागीदारी बढ़ेगी और कीमतों की चाल पर भी असर पड़ सकता है।
क्या हैं नए नियम?
एक्सचेंज की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट में मार्जिन 21% से घटाकर 18% कर दिया गया है यानी अब ट्रेडर्स को पहले के मुकाबले कम रकम लगानी होगी। साथ ही गोल्ड के डेली प्राइस फ्लक्चुएशन बैंड को 20% से घटाकर 17% कर दिया गया है, जिससे एक दिन में कीमतों के उतार-चढ़ाव की सीमा थोड़ी कम रहेगी।
इसी तरह सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट में भी बदलाव किया गया है। सिल्वर का मार्जिन रेशियो 27% से घटाकर 24% कर दिया गया है, जबकि डेली प्राइस लिमिट 26% से घटाकर 23% कर दी गई है। इसका मतलब है कि सिल्वर में भी अब कम पूंजी के साथ ट्रेडिंग संभव होगी लेकिन एक दिन में अत्यधिक उतार-चढ़ाव पर कुछ हद तक नियंत्रण रहेगा।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
सरल शब्दों में कहें तो मार्जिन घटने से ट्रेडिंग आसान और सस्ती हो जाती है, जिससे ज्यादा निवेशक बाजार में सक्रिय हो सकते हैं और वॉल्यूम बढ़ सकता है। वहीं, डेली प्राइस लिमिट कम करने का उद्देश्य तेज उतार-चढ़ाव पर लगाम लगाना है ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे।
ऐसे बदलाव आमतौर पर तब किए जाते हैं जब एक्सचेंज लिक्विडिटी और वोलैटिलिटी के बीच संतुलन बनाना चाहता है। चूंकि गोल्ड और सिल्वर वैश्विक आर्थिक हालात और सेंटिमेंट से जुड़े होते हैं, इसलिए इन नियमों का असर आने वाले दिनों में ट्रेडिंग पैटर्न और कीमतों की दिशा में देखा जा सकता है।
