Gold-Silver-Copper Down: आज लुढ़क गए सोना-चांदी और कॉपर, कीमतों में क्यों आई तेज गिरावट
punjabkesari.in Thursday, Feb 26, 2026 - 01:19 PM (IST)
बिडनेस डेस्कः पिछले कारोबारी सत्र में मजबूत बढ़त दर्ज करने के बाद गुरुवार, 26 फरवरी को घरेलू कमोडिटी बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, जारी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका की टैरिफ नीति को लेकर अनिश्चितता के कारण गिरावट सीमित रही।
आज क्या है कीमत?
दोपहर के समय MCX पर गोल्ड का अप्रैल वायदा 1192 रुपए यानी 0.74% टूटकर 1,59,953 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी का मार्च वायदा 6,766 रुपये यानी 2.52% की कमजोरी के साथ 2,61,550 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करता दिखा।
एक दिन पहले सोने का अप्रैल वायदा 0.74% की तेजी के साथ 1,61,145 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि चांदी का मार्च वायदा करीब 3% उछलकर 2,68,316 रुपए प्रति किलोग्राम पर सेटल हुआ था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव देखने को मिला है और अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट में लगभग 0.50% की गिरावट आई है।
इस दौरान डॉलर इंडेक्स में 0.20% की नरमी दर्ज की गई, जिससे डॉलर आधारित कीमती धातुएं विदेशी खरीदारों के लिए अपेक्षाकृत सस्ती हो गईं। फिलहाल निवेशक ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली कर रहे हैं लेकिन बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सोने-चांदी का मध्यम से दीर्घकालिक रुझान अब भी सकारात्मक बना हुआ है।
अमेरिकी टैरिफ नीति को लेकर असमंजस सोने के लिए प्रमुख ट्रिगर बना हुआ है। अमेरिका ने आयात पर 10% टैरिफ लागू किया है, जबकि कुछ देशों के लिए यह दर 15% या उससे अधिक हो सकती है। अमेरिकी प्रशासन की सख्त व्यापार नीति और वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने को समर्थन मिल रहा है।
कॉपर भी लुढ़का
दूसरी कमोडिटीज की बात करें तो MCX पर कॉपर का मार्च वायदा 5.80 रुपए की गिरावट के साथ 1,205.50 रुपए पर और कच्चे तेल का मार्च वायदा 19 रुपए टूटकर 5,970 रुपए पर कारोबार कर रहा था। नैचुरल गैस का मार्च वायदा 6.30 रुपए यानी 2.38% गिरकर 258.20 रुपए पर नजर आया।
कीमतों में गिरावट के मुख्य कारण....
- पिछले सत्र की तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी
- अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में गिरावट
- शॉर्ट टर्म तकनीकी करेक्शन
- ऊंचे स्तरों पर निवेशकों की बिकवाली
- अन्य कमोडिटीज में भी दबाव का माहौल
- ग्लोबल संकेतों से कमजोर धारणा
