Gold Price को लेकर JP Morgan की ताजा रिपोर्ट, कहा- इस लेवल तक जाएगा रेट
punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 05:16 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः सोने की कीमतों में हालिया गिरावट के बावजूद अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन गोल्ड को लेकर मीडियम से लॉन्ग टर्म में बेहद सकारात्मक बनी हुई है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि साल के आखिर तक सोने की कीमतें 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। इसके पीछे सेंट्रल बैंकों और निवेशकों की मजबूत मांग को प्रमुख वजह बताया गया है।
ग्लोबल मार्केट में फिलहाल सोना गिरकर 4,677.17 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। सेशन की शुरुआत में इसमें 5 फीसदी से ज्यादा की तेज गिरावट देखने को मिली थी। इससे पहले सोना 5,594.82 डॉलर प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई भी छू चुका है।
JP Morgan क्यों है गोल्ड पर बुलिश?
जेपी मॉर्गन ने एक नोट में कहा है कि वह मीडियम टर्म में सोने को लेकर पूरी तरह बुलिश है। ब्रोकरेज का मानना है कि ग्लोबल लेवल पर रिजर्व डायवर्सिफिकेशन का एक मजबूत और लगातार चलने वाला ट्रेंड बना हुआ है। यही वजह है कि रियल एसेट्स, खासकर गोल्ड, पेपर एसेट्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि 2026 में सेंट्रल बैंकों की ओर से करीब 800 टन सोने की खरीद हो सकती है। डॉलर आधारित रिजर्व पर निर्भरता कम करने की रणनीति इस मांग को लगातार सपोर्ट दे रही है।
चांदी को लेकर JP Morgan ज्यादा सतर्क
वहीं चांदी को लेकर ब्रोकरेज का रुख थोड़ा सतर्क नजर आ रहा है। हालिया तेजी के पीछे की वजहों को मापना मुश्किल होने के चलते JP Morgan ने सिल्वर पर चेतावनी दी है। वैश्विक बाजार में स्पॉट सिल्वर 6 फीसदी से ज्यादा गिरकर 78.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है, जबकि हाल ही में यह 121.64 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई तक पहुंची थी।
ब्रोकरेज का कहना है कि चांदी में सेंट्रल बैंकों की खरीद लगातार नहीं रहती, जिससे आने वाले हफ्तों में गोल्ड-सिल्वर रेश्यो और बढ़ सकता है। इसका मतलब यह है कि सोने के मुकाबले चांदी के कमजोर पड़ने का जोखिम बना हुआ है। हालांकि JP Morgan अब भी चांदी के लिए 75–80 डॉलर प्रति औंस का हायर फ्लोर देख रहा है, जो पहले के अनुमानों से बेहतर है।
भारत में सोना-चांदी दबाव में
भारत में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। 2 फरवरी को MCX पर अप्रैल डिलीवरी वाला गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट दिन के कारोबार में करीब 7 फीसदी टूटकर 1,37,065 रुपए प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाला सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट करीब 15 फीसदी गिरकर 2,25,805 रुपए प्रति किलोग्राम के लो पर आ गया।
