Shocking Prediction About Gold: सोने की कीमतों को लेकर सबसे बड़ा अनुमान, 7 लाख के पार जाएगा भाव!

punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 11:13 AM (IST)

बिजनेस डेस्कः दुनियाभर में सोने की कीमतें लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं। मौजूदा हालात में आम लोगों के लिए सोना खरीदना लगभग असंभव होता जा रहा है, जबकि जिन निवेशकों के पास पहले से सोना है, उनकी संपत्ति में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

बाजार में यह चर्चा तेज है कि आने वाले समय में सोने की कीमत 2 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकती है। कुछ विशेषज्ञ इसे 2.5 लाख रुपए तक जाता देख रहे हैं। इसी बीच एक और बेहद चौंकाने वाला अनुमान सामने आया है, जिसमें सोने की कीमत 7 लाख रुपए के पार पहुंचने की बात कही जा रही है। बता दे कि मंगलवार को MCX पर सोना 1,58,274 रुपए प्रति 10 ग्राम पर है। चांदी की कीमत 3,54,320 रुपए प्रति किलोग्राम पर है। 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में नया रिकॉर्ड

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों ने सोमवार को नया इतिहास रच दिया। सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया और कारोबार के दौरान 5,092.70 डॉलर के उच्चतम स्तर तक गया। विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के चलते सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग तेजी से बढ़ी है।

इस साल अब तक सोने की कीमतों में करीब 17 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है, जबकि 2025 में इसमें लगभग 64 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी हुई थी। लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) के एक सर्वे के अनुसार, 2026 में सोना 7,150 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। 

7.5 लाख रुपए का अनुमान कहां से आया?

प्रसिद्ध निवेशक और ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने सोने को लेकर एक सनसनीखेज भविष्यवाणी की है। सोशल मीडिया पर रॉबर्ट कियोसाकी लिखते हैं, ''वाह सोने का भाव 5000 डॉलर के पार पहुंच गया! भविष्य में यह 27,000 डॉलर प्रति औंस को पार कर जाएगा।'' अगर Robert Kiyosaki का यह अनुमान सही हुआ तो सोने का भाव भारत में 7.5 लाख रुपए के पार चला जाएगा। हालांकि, उन्होंने इसके लिए टाइमलाइन नहीं दी है।

निवेश की सलाह दे रहे हैं Robert Kiyosaki

चर्चित लेखल गोल्ड, सिल्वर और बिटक्वाइन की कीमतों के ऊपर और नीचे जाने से प्रभावित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते अमेरिकी कर्ज की वजह से गोल्ड, सिल्वर और बिटक्वाइन पर दांव लगाना फायदेमंद रहेगा।

भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की खरीद

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका-नाटो के बीच बढ़ते मतभेद, वैश्विक राजनीतिक अनिश्चितता और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर उठ रहे सवालों ने निवेशकों को सोने की ओर मोड़ा है। इसके साथ ही दुनिया भर के केंद्रीय बैंक भी बड़े पैमाने पर सोने की खरीद कर रहे हैं। गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, केंद्रीय बैंक औसतन हर महीने 60 मीट्रिक टन सोना खरीद रहे हैं। चीन लगातार 14 महीनों से अपने स्वर्ण भंडार में इजाफा कर रहा है, जबकि पोलैंड ने अपने भंडार को 700 टन तक बढ़ाने का फैसला लिया है।

आभूषण बिक्री पर असर, निवेश बढ़ा

सोने की ऊंची कीमतों का असर आभूषणों की बिक्री पर साफ दिखाई दे रहा है। खासकर मध्यम वर्ग ज्वैलरी खरीदने से बच रहा है। हालांकि निवेश के तौर पर छोटे गोल्ड कॉइन और बिस्कुट की मांग में तेज बढ़ोतरी हुई है। गोल्ड ETF में भी निवेश बढ़ा है और 2025 में इसमें करीब 89 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया।

क्यों बढ़ रहा है गोल्ड का रेट

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही पूरी दुनिया में ट्रेड को लेकर एक अनिश्चितता और भय का माहौल है। बीते दिनों ही ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर चीन के साथ कनाडा ने कोई ट्रेड डील की तो वे 200 प्रतिशत की टैरिफ लगा देंगे। भारत पहले से ही 50 प्रतिशत के टैरिफ से जूझ रहा है। इन सबके बीच ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप और आक्रमक हो गए हैं।

बढ़ती अनिश्चितता के बीच निवेशक गोल्ड की तरफ रुझान बढ़ा रहे हैं। बता दें, 2025 में सोने की कीमतों में 70 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। जोकि 1979 के बाद सबसे अधिक बढ़ोतरी वाला साल साबित हुआ।पिछले हफ्ते गोल्ड मैन सैक्स ने 5400 रुपए का टारगेट प्राइस सेट किया था। 


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Content Writer

jyoti choudhary

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