Top LPG consuming state in India: इस राज्य में होती है LPG की सबसे भारी खपत, देखें Top-5 राज्यों की लिस्ट
punjabkesari.in Thursday, Mar 12, 2026 - 11:30 AM (IST)
Top LPG consuming states in India : पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस आपूर्ति की अनिश्चितता बढ़ गई है। जहां एक ओर ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को बंद करने का दावा कर रहा है वहीं भारत सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि भारत में रसोई गैस का पर्याप्त स्टॉक है। इसी बीच एलपीजी खपत के ताज़ा आंकड़े सामने आए हैं जिनमें उत्तर प्रदेश ने बाजी मारी है।
भारत में एलपीजी: हर घर तक पहुंच
आज भारत का राष्ट्रीय एलपीजी कवरेज 99.5% तक पहुंच चुका है। 2021 की शुरुआत में जहां देश में 28.90 करोड़ उपभोक्ता थे वहीं अब लगभग हर भारतीय घर में गैस चूल्हा जल रहा है। इसके साथ ही करीब 70.75 लाख लोग पीएनजी (पाइप वाली गैस) का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
खपत के मामले में टॉप-5 राज्य
भारत में एलपीजी की सबसे ज्यादा मांग इन पांच राज्यों में केंद्रित है:
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उत्तर प्रदेश: जनसंख्या और उज्ज्वला योजना के प्रभाव के कारण यह पहले स्थान पर है।
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महाराष्ट्र: मुंबई और पुणे जैसे महानगरों में व्यावसायिक और घरेलू मांग बहुत अधिक है।
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दिल्ली (NCR): राजधानी क्षेत्र में उच्च जनसंख्या घनत्व के कारण खपत भारी है।
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तमिलनाडु: चेन्नई और कोयम्बटूर दक्षिण भारत के मुख्य केंद्र हैं।
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पश्चिम बंगाल: यहां भी घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है।
उत्तर प्रदेश: देश का सबसे बड़ा गैस बाजार
अकेले उत्तर प्रदेश में 4.83 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। राज्य की प्रतिदिन की मांग लगभग 10,000 मीट्रिक टन है। यूपी के इन 5 जिलों में सबसे ज्यादा सिलेंडर जलते हैं:
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लखनऊ: लगभग 15 लाख उपभोक्ता (राज्य का सबसे बड़ा बाजार)।
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प्रयागराज: लगभग 14 लाख उपभोक्ता।
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आगरा, गोरखपुर और गाजियाबाद: प्रत्येक जिले में करीब 12-12 लाख उपभोक्ता।
राज्य में वितरण व्यवस्था को संभालने के लिए 4,145 वितरक दिन-रात काम कर रहे हैं। इसके अलावा यूपी में 20.25 लाख घरों में पाइप वाली गैस (PNG) पहुँच चुकी है।
क्या युद्ध से रुक जाएगी सप्लाई?
सरकार और तेल कंपनियों (OMC) ने स्पष्ट किया है कि:
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भारत के पास अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त बफर स्टॉक है।
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अफवाहों पर ध्यान न दें गैस की बुकिंग और होम डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी तरह सामान्य है।
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भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ें लेकिन घरेलू आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित है।



