Gas Saving Tips: वैश्विक संकट के बीच IOC ने बताए LPG बचाने के आसान तरीके
punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 06:51 PM (IST)
नेशनल डेस्क: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और US-Israel–Iran tensions के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित होने लगी है। इसका असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा है। खास तौर पर Strait of Hormuz से गुजरने वाली तेल और गैस आपूर्ति में रुकावट के कारण कमर्शियल LPG की उपलब्धता घटने लगी है।
इस स्थिति से होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेक्टर में चिंता बढ़ गई है। कई शहरों में कारोबारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो कुछ रेस्टोरेंट्स को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता
सरकार ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि इस फैसले के कारण कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट उद्योग प्रभावित हो रहा है। इसी बीच Indian Oil Corporation (IOC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उपभोक्ताओं के लिए गैस बचाने से जुड़े कुछ आसान और प्रभावी सुझाव साझा किए हैं।
IOC ने बताए LPG बचाने के आसान तरीके
1. उबाल आते ही आंच धीमी करें
खाना उबलने के बाद तेज आंच बनाए रखने से गैस की खपत बढ़ती है। IOC के अनुसार, उबाल आने के बाद आंच कम कर देने से लगभग 25 प्रतिशत तक LPG की बचत की जा सकती है।
2. प्रेशर कुकर का ज्यादा इस्तेमाल
कंपनी का कहना है कि प्रेशर कुकर में खाना जल्दी पकता है और गैस कम खर्च होती है। यदि एक ही कुकर में सेपरेटर लगाकर चावल, दाल और सब्जियां एक साथ पकाई जाएं तो समय और ईंधन दोनों की अच्छी बचत हो सकती है।
IOC ने इन टिप्स को समझाने के लिए एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें खाना बनाते समय गैस बचाने के तरीकों को विस्तार से दिखाया गया है।
उबाल आते ही आंच धीमी करें — LPG की समझदारी भरी बचत करें।
उबाल के बाद तेज़ आंच रखने से खाना जल्दी नहीं पकता, सिर्फ़ गैस ज़्यादा खर्च होती है।
धीमी आंच अपनाकर 25% तक LPG बचाएं, बिना अतिरिक्त समय गंवाए।
छोटी आदत, बड़ी बचत-
ऊर्जा संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की दिशा में यह एक… pic.twitter.com/PqIVGz3Tls
— Indian Oil Corp Ltd (@IndianOilcl) March 11, 2026
होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर असर
कमर्शियल LPG की कमी का असर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर साफ दिखने लगा है। कई जगहों पर कारोबारियों ने गैस की बचत के लिए मेन्यू सीमित करने या बैच कुकिंग अपनाने की रणनीति शुरू कर दी है।
कुछ प्रतिष्ठानों ने इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाने का फैसला किया है, ताकि गैस पर निर्भरता कम की जा सके।
रेलवे कैटरिंग को भी दिए गए निर्देश
रेलवे की कैटरिंग सेवाओं में भी इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए गए हैं। Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) के वेस्ट जोन ने अपने फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम और जन आहार यूनिट्स को सलाह दी है कि जहां संभव हो वहां माइक्रोवेव और इंडक्शन स्टोव का उपयोग किया जाए।
इसके अलावा रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक रखने के लिए भी कहा गया है, ताकि यात्रियों को सेवाओं में किसी तरह की परेशानी न हो।
वैकल्पिक ईंधन की ओर बढ़ रहे कारोबारी
कुछ क्षेत्रों में होटल और ढाबा संचालक गैस की कमी से निपटने के लिए लकड़ी या कोयले जैसे पारंपरिक ईंधनों का भी सहारा लेने लगे हैं। सरकार और तेल कंपनियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की जा रही है कि गैस का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और जहां संभव हो वहां इंडक्शन कुकटॉप जैसे ऊर्जा-कुशल विकल्पों को अपनाएं।
